पूर्वाचल राज्य संवाददाता : दीपू तिवारी
सोनभद्र। जनपद में राजस्व वसूली को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यक्रमों की मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट कहा कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। लक्ष्य से पीछे रहने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी तथा लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रहण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए सभी विभाग पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ कार्य करें।
बकायेदारों के खिलाफ चलेगा विशेष वसूली अभियान
जिलाधिकारी ने तहसील स्तर पर बकायेदारों के विरुद्ध प्रभावी वसूली अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने आरसी वसूली का नियमित मिलान करने तथा लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने पर जोर दिया। साथ ही सरकारी भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अतिक्रमण के मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग की जिम्मेदारी केवल राजस्व वसूली तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन को समय पर न्याय दिलाना भी प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। भूमि संबंधी विवादों के त्वरित निस्तारण पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान करें, ताकि लोगों को शीघ्र राहत मिल सके।
जन शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश
डीएम ने उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों और राजस्व कर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनता के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
ओवरलोड वाहनों और खदान संचालकों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
परिवहन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ओवरलोडिंग में पकड़े जाने वाले वाहनों के साथ-साथ संबंधित खदान संचालकों और परमिट धारकों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि ओवरलोडिंग न केवल राजस्व हानि का कारण बनती है, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।










