अमृतसर, 18 जून – (राजू वालिया) – दरगाह पीर बाबा नट शाह दरबार के सालाना जोड़ मेले का आयोजन इस वर्ष भी श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। काउंसलर निताशा गिल और समाज सेवक कमल कुमार की अगुवाई में 17 जून को चादर रस्म एवं मेहंदी रस्म का भव्य आयोजन किया गया। रात्रि लगभग 9 बजे ग्वाल मंडी स्थित डीटीओ कार्यालय के निकट से चादर यात्रा आरंभ हुई, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई घोड़ों, सजे-धजे रथों तथा श्रद्धालुओं के विशाल काफिले के साथ दरगाह पीर बाबा नट शाह दरबार पहुंची। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ भाग लिया। शहर तथा दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंची संगतों ने चादर पेश कर बाबा जी का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा मेहंदी रस्म को भी पूरे विधि-विधान और श्रद्धा भाव से निभाया। पूरी यात्रा के दौरान भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालु बाबा जी के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। 18 जून को दरगाह पीर बाबा नट शाह दरबार, नजदीक गवर्नमेंट कॉलेज, कनाल कॉलोनी में सालाना जोड़ मेला बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। मेले में आयोजित सूफी संगीत एवं कव्वाली कार्यक्रमों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। प्रसिद्ध कव्वालों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से महफिल को देर रात तक सजाए रखा और बाबा जी की शान में कलाम पेश किए। इस अवसर पर पंजाब के प्रसिद्ध सूफी गायकों मास्टर सलीम, माशा अली, हमशर हयात और सरदार अली ने भी अपनी विशेष प्रस्तुतियों के माध्यम से पीर बाबा जी की महिमा का गुणगान किया। उनके द्वारा प्रस्तुत सूफियाना कलाम और धार्मिक गीतों ने उपस्थित संगत को भाव-विभोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रमों का आनंद लिया और बाबा जी के दरबार में मत्था टेककर सुख-समृद्धि की कामना की। मेले के दौरान गुरु नगरी अमृतसर की अनेक धार्मिक, सामाजिक एवं राजनीतिक हस्तियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई, जिससे मेले की रौनक और अधिक बढ़ गई। आयोजकों ने बताया कि बाबा जी के प्रति लोगों की गहरी आस्था ही इस मेले की सबसे बड़ी विशेषता है, जिसके चलते हर वर्ष हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचकर अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं। इस अवसर पर राकेश सबरवाल, शशी गिल, विपन कैंट, भट्टी साहिब, बबलू कैंट सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। पूरे आयोजन के दौरान लंगर, सेवा तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विशेष प्रबंध किए गए थे, जिनकी संगतों ने सराहना की। मेले का समापन बाबा जी की दरगाह पर अरदास एवं संगतों के कल्याण की कामना के साथ हुआ।
पीर बाबा नट शाह दरबार के सालाना जोड़ मेले में उमड़ा आस्था का सैलाब, चादर और मेहंदी रस्म श्रद्धापूर्वक संपन्न










