Home / Uncategorized / Ram Mandir Chadhawa Chori Case: चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर एक्शन लगभग तय, SIT आज लखनऊ में सीएम योगी को सौंपेगी रिपोर्ट

Ram Mandir Chadhawa Chori Case: चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर एक्शन लगभग तय, SIT आज लखनऊ में सीएम योगी को सौंपेगी रिपोर्ट

रामलला के दरबार में चढ़ावे की हेराफेरी मामले में विशेष जांच दल (SIT) की तफ्तीश पूरी; 150 संदिग्धों के नाम आए सामने, 25 पर गिरफ्तारी और निलंबन की तलवार

लखनऊ/अयोध्या: अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए करोड़ों रुपये के चढ़ावे और दान राशि में हुई चोरी (Ram Mandir Donation Theft Case) के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। सूत्रों के मुताबिक, SIT आज अयोध्या से लखनऊ लौट रही है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी बेहद गोपनीय और विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर गाज गिरना लगभग तय माना जा रहा है, जबकि ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा को भी पद से हटाया जा सकता है।

SIT की रडार पर 150 संदिग्ध, 25 पर सीधे एक्शन की तैयारी

विगत कई दिनों से अयोध्या में डेरा जमाए SIT की टीम ने सीसीटीवी फुटेज, बैंक खातों के ट्रांजैक्शन और दान पेटी के रखरखाव के दस्तावेजों को बारीकी से खंगाला है।

  • 150 लोगों से पूछताछ और संदेह: जांच के दौरान मंदिर परिसर, बैंक और ट्रस्ट से जुड़े लगभग 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं।

  • शहर छोड़ने पर पाबंदी: जिन भी लोगों से SIT ने बंद कमरे में कड़ाई से पूछताछ की है, उन्हें कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अगले आदेश तक अयोध्या या अपना मूल शहर छोड़कर कहीं बाहर नहीं जाएंगे।

  • 25 लोगों पर सीधे गाज: प्राथमिक रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 25 मुख्य नाम ऐसे पाए गए हैं, जिनकी सीधी संलिप्तता या घोर लापरवाही सामने आई है। इन पर निलंबन से लेकर गिरफ्तारी तक की कार्रवाई हो सकती है। चंपत राय के बेहद करीबी माने जाने वाले टिन्नू यादव और दान की गिनती करने वाले कुछ बैंक कर्मियों पर कानूनी शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।

सीएम योगी के कार्यक्रम से दूर रखे गए थे चंपत राय

इस पूरे मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या के दौरे पर पहुंचे थे, तो ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय को मुख्यमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रमों और राम मंदिर दौरे से पूरी तरह दूर रहने को कहा गया था। प्रशासनिक हलकों में इसे सरकार की सख्त नाराजगी और आने वाले बड़े प्रशासनिक फेरबदल के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

📊 राम मंदिर दान चोरी मामला: अब तक क्या हुआ?

जांच का बिंदु SIT की मुख्य कार्रवाई और अपडेट
शीर्ष नेतृत्व पर शिकंजा महासचिव चंपत राय और व्यवस्थापक गोपाल राव से बंद कमरे में घंटों पूछताछ।
ट्रस्टियों की भूमिका निगरानी में बड़ी चूक के कारण ट्रस्टी अनिल मिश्रा भी हटाए जा सकते हैं।
गबन की मोडस ऑपेरंडी दान पेटियों से नकदी की गिनती के दौरान कस्टडी और काउंटिंग के नियमों का उल्लंघन कर रकम गायब करने का आरोप।
अगला कदम SIT की रिपोर्ट आज लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के टेबल पर होगी, जिसके बाद बड़े फैसले संभव हैं।

विपक्ष हमलावर, सरकार ने कहा- ‘दोषी बख्शे नहीं जाएंगे’

इस महा-घोटाले और चोरी के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश में सियासी पारा भी चढ़ गया है। समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दल लगातार इस मुद्दे को लेकर हमलावर हैं और कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और अन्य कैबिनेट मंत्रियों का कहना है कि चंपत राय का इतिहास राम काज के लिए समर्पित रहा है, लेकिन जांच निष्पक्ष हो रही है; जिस भी छोटे या बड़े कर्मचारी ने भगवान के घर में यह ‘महापाप’ किया है, उसे योगी सरकार किसी भी कीमत पर नहीं बख्शेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *