राजीव शंकर चतुर्वेदी
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। रेवती बस स्टैंड स्थित मझौवा मठ, लक्ष्मी नारायन मंदिर के महंत के रुप में (11) वर्षीय बालक शास्वत शौर्य तिवारी को आयोध्या से पधारे रामभद्राचार्य उर्फ बालक दास ने मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक किया। इसके साथ ही शास्वत शौर्य ने महंत की गद्दी संभाल लिया। महंत बनने के बाद संतो ने शास्वत का श्याम नारायण रामानुज श्री वैष्णोदास नाम रखा। इससे पहले शास्वत शौर्य का उपनयन संस्कार हुआ। तत्पश्चात बालक दास उर्फ रमभद्राचार्य ने गुरू दीक्षा दी। बालक दास ने बताया कि महंत की गद्दी दी गयी है लेकिन बालक होने की वजह से अभी ये गुरू के सानिध्य में शिक्षा ग्रहण करेंगे। इस बीच संरक्षकों द्वारा मठ का संचालन किया जायेगा। बीते 25 जून 2025 को महंत मकसुदना चार्य के निधन के बाद उक्त पद रिक्त चल रहा था।रविवार के दिन कदम चौराहा बलिया बड़ी मठिया के महंत रामउदार दास, छोटी मठिया के महंत सीतारामदास, काशी के महंत रामनारायन दास त्यागी की उपस्थित में पं. घनश्याम मिश्र, सुनिल पाण्डेय शास्त्री, रविशंकर पाण्डेय, अवधेश पाण्डेय ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समस्त संस्कार संपन्न कराया। पुरुषोत्तम तिवारी, करुणानिधि तिवारी को मठिया का संरक्षक बनाया गया। इस मौके गोन्हिया छपरा मठ के महंत विनय ब्रम्हचारी बाबा महेद्रनाथ मठ के महंत तारकेश्वर गिरि, त्यागी महराज आदि लोग मौजूद रहे।
मझौवा मठ, लक्ष्मी नारायन मंदिर को मिला नया महंत मंत्रोच्चार के बीच किया गया अभिषेक










