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“78 हजार नौकरियों में एससी-बीसी वर्ग को कितना मिला हिस्सा, सरकार बताए” – तारा चंद भगत

अमृतसर, 30 जून – (राजू वालिया) – बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश सचिव एवं जिला शिकायत निवारण समिति, अमृतसर के सदस्य तारा चंद भगत ने पंजाब सरकार पर अनुसूचित जाति (एससी) एवं पिछड़ा वर्ग (बीसी) के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार को भर्ती प्रक्रिया और जनकल्याण से जुड़ी सभी योजनाओं में पारदर्शिता बरतते हुए आरक्षित वर्गों को मिले अधिकारों का स्पष्ट ब्यौरा सार्वजनिक करना चाहिए। तारा चंद भगत ने बताया कि 29 जून को सतगुरु कबीर जी के 628वें प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में मेघ भवन, बड़ा हरिपुरा (अमृतसर) में एक विशाल धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता बूटा राम प्रधान ने की। इस अवसर पर शंभू नाथ एवं उनकी कलाकार मंडली ने सतगुरु कबीर जी की वाणी का संगीतमय कीर्तन प्रस्तुत किया, जिसे उपस्थित संगत ने श्रद्धा एवं भक्ति भाव से सुना। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। समारोह में केंद्रीय विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. अजय गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान विधायक ने पंजाब सरकार की उपलब्धियों, चुनावी गारंटियों तथा क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इसी दौरान उन्होंने विधायक से पूछा कि हाल ही में निकाली गई लेक्चरर भर्ती में एससी एवं बीसी वर्ग के लिए आरक्षित पदों का स्पष्ट उल्लेख क्यों नहीं किया गया। इसके अलावा उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा 78 हजार से अधिक नौकरियां देने के दावों में एससी और बीसी वर्ग के युवाओं को मिली नौकरियों का अलग-अलग विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया जाता। तारा चंद भगत का आरोप है कि उनके सवालों का कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जवाब देने के बजाय यह कहकर बात टाल दी गई कि इस प्रकार के सवाल नहीं पूछने चाहिए। उनका कहना है कि इससे यह संदेश जाता है कि सरकार दलित एवं पिछड़े वर्ग के अधिकारों और आरक्षण नीति को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने पंजाब सरकार के विकास संबंधी दावों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के अनेक क्षेत्रों में सड़कें जर्जर हैं, लोग स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं और बुनियादी समस्याएं आज भी बरकरार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल दावे करने के बजाय जनता की वास्तविक समस्याओं के समाधान पर प्राथमिकता के आधार पर काम करना चाहिए। इस अवसर पर बूटा सिंह, रूप कुमार, सुभाष चंद्र, बसंबर लाल, राज कुमार, बृज लाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

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