राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बीच नया विस्फोट, 5.80 करोड़ के कथित फर्जी सौदे का दावा
अयोध्या। राम मंदिर चढ़ावा विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब राम जन्मभूमि परिसर के निकट स्थित प्राचीन राम निवास मंदिर को लेकर नया विवाद सामने आ गया है। मंदिर के पंच प्रमुख होने का दावा करने वाले हरिशंकर सफारीवाला ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि मंदिर की संपत्ति पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जा करने की साजिश रची गई।
लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लगाए गंभीर आरोप
लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में हरिशंकर सफारीवाला ने कहा कि राम निवास मंदिर एक पंचायती मंदिर है, जिसका संचालन पंच समिति करती है। समिति केवल धार्मिक कार्यों के लिए पुजारी नियुक्त करती है और किसी भी व्यक्ति को मंदिर की भूमि या संपत्ति बेचने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिर को निजी संपत्ति दिखाकर करीब 5.80 करोड़ रुपये का कथित फर्जी सौदा तैयार कराया गया। दावा किया गया कि पुजारी और उसके रिश्तेदारों के खातों में लगभग 60 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मंदिर पर कब्जे की कोशिश हुई।
‘करोड़ों का लालच देकर मंदिर खाली कराने का दबाव’
सफारीवाला ने आरोप लगाया कि मंदिर समिति के सदस्यों को करोड़ों रुपये का लालच देकर परिसर खाली करने का दबाव बनाया गया, लेकिन समिति ने इसे ठुकरा दिया। उनका कहना है कि यह मंदिर किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं बल्कि पंचायती धार्मिक संस्था है, इसलिए इसकी खरीद-फरोख्त कानूनी रूप से संभव नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि मंदिर और आसपास की जमीन की वर्तमान कीमत करीब 50 करोड़ रुपये है तथा पिछले पांच वर्षों से इसका नियंत्रण कथित कब्जाधारियों के पास बना हुआ है।
दान और चढ़ावे के हिसाब पर भी उठे सवाल
हरिशंकर सफारीवाला ने यह भी आरोप लगाया कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान और चढ़ावे का कोई सार्वजनिक हिसाब नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि कई बार जानकारी मांगे जाने के बावजूद कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
प्रशासन पर भी उठाए सवाल
सफारीवाला का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की कई बार प्रशासन से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
विवाद ने बढ़ाई अयोध्या की सियासी और धार्मिक हलचल
राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद अब राम निवास मंदिर से जुड़ा यह नया मामला अयोध्या में एक और बड़े विवाद के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। फिलहाल इन आरोपों पर ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की सच्चाई जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक जवाब के बाद ही स्पष्ट होगी।










