अयोध्या। अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में हड़कंप मच गया है। इस पूरे विवाद के बीच सोमवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक बेहद अहम और पहली आपात बैठक होने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ट्रस्ट ने अचानक बैठक की तय जगह को बदल दिया है।
इस बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे को लेकर बड़ा फैसला हो सकता है। सूत्रों का दावा है कि विवाद के बाद दोनों के इस्तीफे को मंजूरी दी जा सकती है।
मोजे में नोट छिपाकर ले जाते थे आरोपी
इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब मंदिर के चढ़ावे (दान) की चोरी का सनसनीखेज तरीका सामने आया। जांच में पता चला कि आरोपी बड़ी चालाकी से दान के नोटों को अपने मोजों (Socks) में छिपाकर मंदिर परिसर से बाहर ले जाते थे। सीसीटीवी फुटेज और आंतरिक सुरक्षा की जांच के बाद इस पूरी साजिश का भंडाफोड़ हुआ, जिसने ट्रस्ट के सुरक्षा और प्रबंधन दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चोरी मामले के मुख्य बिंदु
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अचानक बदली बैठक की जगह: सुरक्षा और गोपनीयता के कारणों से ट्रस्ट की बैठक का वेन्यू आखिरी वक्त पर बदला गया।
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इस्तीफे पर सस्पेंस: महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर आज अंतिम मुहर लग सकती है।
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चोरी का तरीका: आरोपी मोजे में कैश छिपाकर ले जाते थे, जिसका खुलासा आंतरिक जांच में हुआ है।
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भक्तों में आक्रोश: राम मंदिर जैसी पवित्र जगह पर इस तरह की चूक और वित्तीय गबन की खबर से देश-दुनिया के श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है।
ट्रस्ट के भीतर अंदरूनी कलह और दबाव
सूत्रों के अनुसार, चढ़ावा चोरी की बात सामने आने के बाद से ही ट्रस्ट के अन्य सदस्यों और संतों की तरफ से कड़े कदम उठाने का दबाव था। मंदिर की छवि को बेदाग बनाए रखने के लिए शीर्ष स्तर पर बदलाव की मांग तेज हो गई थी। आज होने वाली इस बैठक में न सिर्फ इस्तीफों पर फैसला होगा, बल्कि भविष्य में दान राशि (Donation Management) की सुरक्षा और गिनती के लिए एक नया और पारदर्शी सिस्टम (Digital Tracking) लागू करने पर भी चर्चा की जाएगी।










