लखनऊ/आगरा: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत विजिलेंस टीम ने एक बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। आगरा में तैनात रहे रिटायर्ड एआरटीओ (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आलीशान आवास पर बुधवार को हुई छापेमारी में काली कमाई का एक ऐसा समंदर निकला है, जिसने जांच अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं। पूर्व अफसर के ठिकानों से करोड़ों का कैश, भारी मात्रा में सोना-चांदी और 4 बड़े शहरों में फैली अरबों की प्रॉपर्टी के दस्तावेज बरामद हुए हैं।
20 डिब्बों में बंद था 13 किलो सोना, चांदी का भी मिला अंबार
विजिलेंस टीम जब रिटायर्ड अफसर के लखनऊ स्थित घर में दाखिल हुई, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। घर के अलग-अलग कोनों और अलमारियों में छिपाकर रखे गए 20 डिब्बों में कुल 13 किलोग्राम सोना बरामद किया गया है। इसके अलावा, 9 किलोग्राम चांदी भी जब्त की गई है। बरामद किए गए सोने-चांदी की बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
बिस्तरों और अलमारियों से निकला ₹1.62 करोड़ का कैश
छापेमारी के दौरान विजिलेंस को घर से 1 करोड़ 62 लाख रुपये की नगदी (Cash) मिली है। नोट इतने ज्यादा थे कि उन्हें गिनने के लिए विजिलेंस टीम को नोट गिनने की मशीनें मंगवानी पड़ीं। घंटों चली काउंटिंग के बाद इस भारी-भरकम रकम को सीज किया गया है।
🏢 4 शहरों में फैला है साम्राज्य: 15 बेनामी संपत्तियां
शुरुआती जांच और बरामद दस्तावेजों के मुताबिक, रिटायर्ड ARTO ललित कुमार ने अपनी नौकरी के दौरान अवैध रूप से अकूत संपत्ति खड़ी की थी। उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के 4 प्रमुख शहरों में उनकी कम से कम 15 महंगी संपत्तियों का पता चला है, जिनकी अनुमानित कीमत 35 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है:
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लखनऊ: राजधानी के पॉश इलाकों में आलीशान मकान और कई कमर्शियल प्लॉट।
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नोएडा व गाजियाबाद: दिल्ली से सटे इन हाई-टेक शहरों में फ्लैट्स और बेनामी जमीनें।
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आगरा: तैनाती के दौरान बनाए गए कई वीआईपी रियल एस्टेट एसेट्स।
आय से अधिक संपत्ति का दर्ज हुआ मुकदमा विजिलेंस टीम को लंबे समय से ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) की शिकायतें मिल रही थीं। पुख्ता इनपुट्स के बाद कोर्ट से सर्च वारंट लेकर यह कार्रवाई की गई। विजिलेंस सेक्टर लखनऊ में पूर्व ARTO के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। अधिकारियों का कहना है कि अभी लॉकरों और अन्य बेनामी खातों की जांच होना बाकी है, जिससे यह आंकड़ा और भी बड़ा हो सकता है।










