लखनऊ | राजनीतिक डेस्क
उत्तर प्रदेश की राजनीति में राम मंदिर और अयोध्या को लेकर बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है। योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें पहले अयोध्या जाकर रामलला के दर्शन करने चाहिए, उसके बाद इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करनी चाहिए।
‘राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय’
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि देश की जनता जानती है कि अखिलेश यादव अब तक रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या नहीं गए हैं। उनके अनुसार, राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और इस पर राजनीति करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए वर्षों तक संघर्ष हुआ और इस विषय पर दिए जाने वाले बयान धार्मिक भावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं।
‘शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर भी बोलें’
राजभर ने अखिलेश यादव से कहा कि यदि वे जनता के मुद्दे उठाना चाहते हैं तो शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर भी खुलकर अपनी राय रखें। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष राम मंदिर को लेकर लगातार बयान देता है, जबकि अन्य जनहित के मुद्दों पर अपेक्षाकृत कम चर्चा करता है।
JPNIC को लेकर भी हमला
राजभर ने जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) का मुद्दा उठाते हुए समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने दावा किया कि परियोजना की लागत में भारी बढ़ोतरी हुई, लेकिन निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के नाम पर बनने वाली योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।
चुनाव से पहले तेज हुई सियासी बयानबाजी
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज हो रहे हैं। हाल के सप्ताहों में ओम प्रकाश राजभर और अखिलेश यादव के बीच कई मुद्दों पर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है, जिनमें सपा की स्थिति, राम मंदिर और अन्य राजनीतिक विषय शामिल रहे हैं।










