नोएडा | अपडेटेड: 12 जुलाई 2026
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए सेक्टर-2 स्थित एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। थाना फेस-1 पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को एयरलाइन भर्ती अधिकारी बताकर युवाओं से रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज और दस्तावेज सत्यापन के नाम पर रकम वसूलते थे।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी नोएडा सेक्टर-2 में फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे। यहां से नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को फोन कर SpiceJet में नौकरी दिलाने का दावा किया जाता था। भरोसा जीतने के लिए फर्जी जॉब ऑफर लेटर और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज भेजे जाते थे। इसके बाद अलग-अलग शुल्क के नाम पर ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर कराए जाते थे।
वेबसाइटों से जुटाते थे बेरोजगार युवाओं का डेटा
जांच में पता चला कि गिरोह नौकरी पोर्टल और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से नौकरी तलाश रहे लोगों का डेटा इकट्ठा करता था। इसके बाद कॉल कर आकर्षक वेतन और तत्काल जॉइनिंग का झांसा दिया जाता था। ठगी की रकम को म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कराया जाता था ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद किए—
- 8 मोबाइल फोन
- 1 लैपटॉप
- 13 सिम कार्ड
- 9 डेबिट कार्ड
- 3 बैंक पासबुक
- 4 यूपीआई साउंड बॉक्स
इन सभी डिजिटल उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
ऐसे छिपाते थे अपनी पहचान
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि ठगी के बाद इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड नष्ट कर दिए जाते थे। जरूरत पड़ने पर गरीब लोगों के नाम पर नए सिम लेकर कॉल सेंटर का संचालन जारी रखा जाता था। एनसीआरपी पोर्टल पर इस नेटवर्क से जुड़ी 20 से अधिक शिकायतें सामने आ चुकी हैं।
‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ में कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस के अनुसार अभियान के दौरान 159 संदिग्ध बैंक खातों की जांच की गई। तकनीकी विश्लेषण में 19 रेड जोन चिन्हित किए गए और लगभग 2500 संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के बाद सेक्टर-2 स्थित फर्जी कॉल सेंटर तक पुलिस पहुंची। उत्तर प्रदेश पुलिस ने राज्यभर में साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान तेज कर रखा है।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं, कुल कितनी रकम की ठगी हुई और देशभर में कितने लोग इस साइबर नेटवर्क का शिकार बने।










