पूर्वांचल राज्य संवाददाता धर्मेंद्र कुमार चौधरी
सोनभद्र। विकासखंड कोन अंतर्गत रामगढ़ बाजार में लाखों रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक शौचालय पिछले कई महीनों से बंद पड़ा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने और आम लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन जनहित में बनाई गई यह सुविधा लोगों के उपयोग में नहीं आ पा रही है। इससे स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है रामगढ़ बाजार आसपास के कई गांवों के लोगों का प्रमुख केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण खरीदारी, बैंकिंग, स्वास्थ्य एवं अन्य जरूरी कार्यों के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सार्वजनिक शौचालय की सुविधा बाजार आने वाले लोगों, विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए काफी महत्वपूर्ण थी। लेकिन शौचालय बंद होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा “हर घर शौचालय” और स्वच्छता अभियान के तहत गांव-गांव में सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि लोगों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण मिल सके। वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाए गए शौचालय का लंबे समय से बंद रहना व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है रामगढ़ बाजार के ग्रामीण विनय कुमार एडवोकेट, विमलेश गुप्ता और अरविंद मदेशिया ने बताया कि सामुदायिक शौचालय किस कारण से बंद पड़ा है, इसकी जानकारी आज तक ग्रामीणों को नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जनहित में लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई सुविधाओं का नियमित संचालन और रखरखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ आम जनता तक पहुंच पाएगा ग्रामीणों ने कहा कि यदि उपयोग के लिए बनाई गई ऐसी महत्वपूर्ण सुविधाएं महीनों तक बंद रहेंगी तो सरकारी योजनाओं का उद्देश्य अधूरा रह जाएगा। उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मामले की जांच कर जल्द से जल्द सामुदायिक शौचालय को चालू कराया जाए, ताकि रामगढ़ बाजार आने वाले ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा और क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा।










