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KGMU में वृद्ध मानसिक रोगियों के लिए पहला डेडिकेटेड ICU: गंभीर मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत, 5 बेड की अत्याधुनिक यूनिट को मंजूरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) से बुजुर्गों और मानसिक रोगियों के इलाज को लेकर एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। केजीएमयू के वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग (Geriatric Mental Health) में अब गंभीर रूप से बीमार बुजुर्ग मानसिक रोगियों के त्वरित इलाज के लिए एक अत्याधुनिक 5 बेड का डेडिकेटेड आईसीयू और वेंटिलेटर यूनिट स्थापित होने जा रहा है। शासन की ओर से इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है।

इस नई सुविधा के शुरू होने के बाद, अब गंभीर मानसिक और शारीरिक जटिलताओं से जूझ रहे बुजुर्ग मरीजों को आपातकालीन स्थिति में वेंटिलेटर या आईसीयू सपोर्ट के लिए केजीएमयू के दूसरे विभागों (जैसे ट्रॉमा सेंटर या जनरल मेडिसिन) के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

🩺 दूसरे विभागों की दौड़ से मिलेगी मुक्ति, समय पर मिलेगा इलाज

वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग में आने वाले कई बुजुर्ग मरीज डिमेंशिया, गंभीर अवसाद या अन्य मानसिक विकारों के साथ-साथ सांस लेने में तकलीफ, ऑर्गन फेलियर या अचानक शॉक जैसी गंभीर शारीरिक समस्याओं से भी ग्रसित हो जाते हैं।

  • पहले क्या थी समस्या: विभाग में अब तक आईसीयू और वेंटिलेटर की अलग से व्यवस्था नहीं थी। जब भी किसी बुजुर्ग मरीज की स्थिति नाजुक होती थी, तो उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट के लिए मेडिसिन आईसीयू या क्रिटिकल केयर विभाग में रेफर करना पड़ता था, जहां पहले से ही बेड की भारी मारामारी रहती है।

  • अब क्या होगा बदलाव: 5 बेड की इस अत्याधुनिक यूनिट के बन जाने से क्रिटिकल केयर की जरूरत वाले गंभीर मरीजों को उनके अपने ही विभाग में तुरंत लाइफ-सपोर्ट सिस्टम मिल सकेगा, जिससे इलाज में होने वाली देरी खत्म होगी और मरीजों की जान बचाना आसान होगा।

🔬 अत्याधुनिक उपकरणों से लैस होगी 5 बेड की यह यूनिट

प्रस्ताव के अनुसार, इस विशेष आईसीयू-वेंटिलेटर यूनिट को पूरी तरह से आधुनिक चिकित्सा मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

  • यूनिट की क्षमता: प्रारंभिक चरण में इसे 5 बेड की क्षमता के साथ शुरू किया जा रहा है।

  • उपकरण: हर बेड के साथ एडवांस वेंटिलेटर, मल्टी-पैरा मॉनिटर, डिफाइब्रिलेटर, इन्फ्यूजन पंप और केंद्रीयकृत ऑक्सीजन (Centralized Oxygen) की सुविधा उपलब्ध होगी।

  • विशेषज्ञ स्टाफ: मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ क्रिटिकल केयर में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और डॉक्टरों की टीम इस यूनिट में चौबीसों घंटे तैनात रहेगी, क्योंकि बुजुर्ग मरीजों की शारीरिक और मानसिक स्थिति आम मरीजों से काफी भिन्न और संवेदनशील होती है।

🚨 यूपी के चिकित्सा बुनियादी ढांचे में एक बड़ा मील का पत्थर

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक समर्पित आईसीयू-वेंटिलेटर यूनिट का स्थापित होना उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। केजीएमयू का यह विभाग पहले से ही देश भर में बुजुर्गों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक प्रमुख केंद्र माना जाता है, और इस नए अपग्रेडेशन के बाद यहां स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर और अधिक वैश्विक हो जाएगा।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, बजट और प्रस्ताव की मंजूरी के बाद अब इस यूनिट को धरातल पर उतारने और उपकरणों की खरीद की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द इसे जनता के लिए चालू किया जा सके। 

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