पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपू तिवारी
सोनभद्र, 15 जुलाई। पूर्वांचल राज्य जनमोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा सुधार, पर्यावरण संरक्षण एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अनशन कर रहे समाजसेवी सोनम वांगचुक के संदर्भ में अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण एवं अहिंसक आंदोलन जनता की भावनाओं और अपेक्षाओं को व्यक्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं, इसलिए ऐसे मामलों में संवाद को प्राथमिकता मिलनी चाहिए उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से किसी सार्वजनिक मुद्दे को लेकर अनशन पर बैठा है, तो सरकार एवं संबंधित जनप्रतिनिधियों को उससे संवाद स्थापित कर उसकी मांगों और सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए। उनके अनुसार, लोकतंत्र की मजबूती जनता और शासन के बीच विश्वास, संवेदनशीलता और निरंतर संवाद पर आधारित होती है पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने कहा कि किसी भी जनआंदोलन का स्थायी समाधान टकराव से नहीं, बल्कि सकारात्मक संवाद और सहमति से निकलता है। उन्होंने सरकार एवं सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर वार्ता की पहल करें और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए जनहित में उचित समाधान तलाशें उन्होंने कहा कि शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और देश के भविष्य से जुड़े विषय केवल किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पूरे राष्ट्र के साझा सरोकार हैं। ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए रचनात्मक संवाद और सकारात्मक निर्णय समय की आवश्यकता है अंत में पवन कुमार सिंह एडवोकेट ने कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता की आवाज़ सुनने, संवाद की संस्कृति को मजबूत करने और संवैधानिक मूल्यों के सम्मान में निहित है। जनहित के मुद्दों पर समय रहते सकारात्मक पहल लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने में सहायक सिद्ध होगी।










