पूर्वांचल राज्यब्यूरो
गोरखपुर। शासकीय महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई एवं स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के संयुक्त तत्वावधान में नशे से दूरी है जरूरी अभियान के अंतर्गत नशामुक्ति जागरूकता व्याख्यान का आयोजन किया गया। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नार्कोटिक्स) द्वारा 15 से 30 जुलाई तक संचालित अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए स्वस्थ, अनुशासित एवं जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. आर.पी. यादव ने की। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने तथा समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रसारित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए युवाओं का नशामुक्त रहना अत्यंत आवश्यक है।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नवीन कुमार चौरसिया ने विद्यार्थियों को नशे के सामाजिक, मानसिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए इससे दूर रहने के लिए प्रेरित किया।मुख्य वक्ता डॉ. नसरीन अंजुम खान ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि जागरूकता ही नशे के खिलाफ सबसे प्रभावी हथियार है। वहीं डॉ. पूजा तिवारी ने विद्यार्थियों से स्वयं नशामुक्त रहने के साथ अपने परिवार और समाज को भी इस दिशा में जागरूक करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. नसरीन अंजुम खान ने किया, जबकि स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. फरहत मंसूरी ने आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. अजीत डेहरिया, डॉ. शशि उइके, डॉ. अनिल अहिरवार, डॉ. अंजू चौहान, डॉ. स्मिल बेलिया, डॉ. कीर्ति डेहरिया, डॉ. नमिता चौबे, डॉ. दुजारी बोसम, रघुवीर उइके, मनीष ठाकुर, सूर्यकांत शुक्ला सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर समस्त शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने नशा न करने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ ली।
नशे के खिलाफ बुलंद हुई युवाओं की आवाज, बिछुआ महाविद्यालय में दिलाई गई नशामुक्ति की शपथ










