अयोध्या | विशेष रिपोर्ट
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में राम मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था, चढ़ावा प्रबंधन, नए CEO की नियुक्ति और ट्रस्ट के पुनर्गठन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में ट्रस्ट ने पारदर्शिता बढ़ाने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और प्रशासनिक सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए कई फैसले लिए।
SIT रिपोर्ट का इंतजार, CCTV निगरानी होगी और मजबूत
ट्रस्ट ने चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े मामले में एसआईटी जांच पूरी होने का इंतजार करने का निर्णय लिया। बैठक में मंदिर परिसर और चढ़ावा गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी सिस्टम की समीक्षा की गई और सुरक्षा अधिकारियों की सीधी निगरानी जारी रखने पर सहमति बनी। साथ ही सोने-चांदी की शुद्धता की जांच के लिए आरबीआई की टकसाल (मिंट) के साथ मौजूदा व्यवस्था जारी रखने का फैसला किया गया।
SBI की कार्यप्रणाली पर नाराजगी
ट्रस्ट ने चढ़ावे की गणना प्रक्रिया में भारतीय स्टेट बैंक की कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया और पूरी व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश दिए। ट्रस्ट के खाते फिलहाल SBI, PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा में संचालित हैं।
CEO पद के लिए 5200 आवेदन
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने बताया कि CEO पद के लिए लगभग 5200 आवेदन प्राप्त हुए हैं। चयन समिति को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय दिया गया है। तब तक प्रशासनिक व्यवस्था के लिए अंतरिम प्रबंध जारी रहेगा।
धार्मिक समिति का पुनर्गठन
बैठक में पूजा व्यवस्था और धार्मिक परंपराओं की निगरानी के लिए नई धार्मिक समिति का गठन किया गया। इसकी अध्यक्षता स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज करेंगे। समिति में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती सहित अयोध्या और बाहर के कई प्रमुख संतों को शामिल किया गया है।
महासचिव और नए सदस्यों पर अटकलें
सूत्रों के अनुसार विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी बजरंग लाल बागड़ा (कुछ रिपोर्टों में बांगड़ा भी लिखा गया है) का नाम महासचिव पद के लिए चर्चा में है। वहीं साहित्यकार यतींद्र मिश्र और अन्य नामों को सदस्य बनाए जाने की भी चर्चा है। हालांकि ट्रस्ट की ओर से इन नियुक्तियों की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं की गई है। इसलिए इन्हें फिलहाल केवल सूत्रों के हवाले से चल रही चर्चाएं माना जाना चाहिए।
पारदर्शिता पर जोर
बैठक में ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने, मीडिया संवाद के लिए आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त करने तथा भविष्य में प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने पर भी सहमति बनी।










