NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव मंगलवार को संसद परिसर में अनोखे अंदाज में पहुंचे। उनके सिर पर पट्टी बंधी थी, एक हाथ पर बैंडेज था और हाथ में लाठी थी। उनका यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन देखते ही संसद परिसर में मौजूद लोग और मीडिया का ध्यान उनकी ओर गया।
संसद परिसर में सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें लाठी के साथ अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि यह किसी दुर्घटना की वजह से नहीं, बल्कि छात्रों के समर्थन और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “मैं लाठी अपनी सुरक्षा के लिए लेकर चल रहा हूं। पता नहीं यह सरकार कब किसे मरवा दे।”
पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि बिहार में छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। उन्होंने दावा किया कि छात्रों के साथ कठोर कार्रवाई की गई और सरकार युवाओं की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जवाबदेही तय करने के बजाय संबंधित लोगों का सम्मान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और कई अभ्यर्थी मानसिक तनाव से गुजरे हैं। उनके मुताबिक, छात्रों को न्याय दिलाने के बजाय उनकी आवाज उठाने वालों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे देश में भय का माहौल बन रहा है।
इसी मुद्दे पर संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी दलों ने भी जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी सांसदों ने छात्रों पर कथित कार्रवाई और अन्य मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगा। लगातार हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही भी बाधित रही।
पप्पू यादव पहले भी छात्रों के मुद्दों को लेकर मुखर रहे हैं। 2024 में सांसद बनने के बाद उन्होंने संसद में शपथ लेने के दौरान “Re-NEET Exam” लिखी टी-शर्ट पहनकर दोबारा परीक्षा कराने की मांग उठाई थी। इसके बाद भी वे लगातार सड़क से लेकर संसद तक छात्रों के समर्थन में आवाज उठाते रहे हैं। मंगलवार को उनका यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन भी उसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके जरिए उन्होंने छात्रों के साथ एकजुटता और पुलिस कार्रवाई के विरोध का संदेश दिया।









