बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रयागराज में उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई बीजेपी नेता और अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा की शिकायत पर कोर्ट के आदेश के बाद हुई है। प्रयागराज की अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) कोर्ट ने पप्पू यादव को 11 अगस्त को अदालत में पेश होने के लिए तलब किया है। मामला संसद परिसर में पप्पू यादव द्वारा किए गए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उन्होंने कथित चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर साधु-संतों की वेशभूषा में प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन के बाद उन पर सनातन धर्म साधु-संतों और हिंदू समुदाय की भावनाओं को आहत करने के आरोप लगाए गए। इसे लेकर कई जगह विरोध भी देखने को मिला था।
दरअसल, पप्पू यादव ने संसद परिसर में साधु-संतों जैसी वेशभूषा धारण कर कथित चंदा चोरी के मुद्दे पर प्रदर्शन किया था। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दौरान जिस तरह से प्रदर्शन किया गया, उससे हिंदू धर्म और साधु-संतों की छवि को नुकसान पहुंचा और धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। सुशील कुमार मिश्रा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने जानबूझकर साधु का वेश धारण किया और अपने प्रदर्शन के जरिए सनातन धर्म तथा उसमें आस्था रखने वाले लोगों को अपमानित करने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता ने इसे गंभीर और दंडनीय कृत्य बताते हुए सांसद के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
पप्पू यादव के इस प्रदर्शन को लेकर पहले भी विवाद खड़ा हो चुका है। साधु-संतों के एक वर्ग ने उनके प्रदर्शन के तरीके पर नाराजगी जाहिर की थी। इसी मामले को लेकर वाराणसी में भी उनके खिलाफ शिकायत और कानूनी कार्रवाई की खबर सामने आई थी। अब प्रयागराज में मुकदमा दर्ज होने से उनकी कानूनी परेशानियां और बढ़ गई हैं।
हालांकि, शिकायत में लगाए गए सभी आरोप फिलहाल आरोप ही हैं और इन पर अंतिम फैसला अदालत में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगा। अब सभी की नजरें 11 अगस्त को होने वाली अदालती कार्यवाही और पप्पू यादव के पक्ष पर टिकी हैं।









