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गड्ढों से हुई दुर्घटना तो अफसर होंगे जिम्मेदार, एक सप्ताह में सड़कें हों गड्ढामुक्त : डीएम

जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में डीएम चर्चित गौड़ ने दिए सख्त निर्देश

पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी

सोनभद्र। जिलाधिकारी चर्चित गौड़ की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा बरसात से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत समेत विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के साथ ही बरसात के दौरान सड़कों पर हुए गड्ढों को भरने के लिए विशेष अभियान चलाकर एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा सीधे आमजन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, एनएचएआई एवं टोल प्लाजा से जुड़े अधिकारियों, नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों तथा अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत को निर्देशित किया कि अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर गड्ढों की मरम्मत कराई जाए। अधिक गड्ढों वाले तथा दुर्घटना संभावित मार्गों को चिन्हित कर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त एवं गड्ढायुक्त सड़कों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक मार्ग की स्थिति, मरम्मत की प्रगति तथा लंबित कार्यों की जानकारी लेते हुए सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सड़कों में गड्ढों के कारण यदि कोई दुर्घटना होती है तो संबंधित अधिकारी अथवा विभाग की जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। सड़क सुरक्षा की दृष्टि से जिलाधिकारी ने सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित एवं आवारा पशुओं को भी गंभीरता से लिया। उन्होंने अधिशासी अधिकारियों, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को अभियान चलाकर ऐसे पशुओं को पकड़ने और नियमानुसार गौशालाओं में संरक्षित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है, इसलिए इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। डीएम ने यातायात नियमों के पालन, सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित करने तथा अन्य सड़क सुरक्षा संबंधी बिंदुओं पर भी प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में दिए गए निर्देशों का अनुपालन केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका स्पष्ट असर धरातल पर दिखाई देना चाहिए।

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