चालक के बार-बार फोन करने पर नहीं मिला जवाब, अतिथि गृह के कमरे में फंदे से लटका मिला शव
पूर्वांचल राज्य संवाददाता : दीपु तिवारी
रेणुकूट (सोनभद्र)। पिपरी थाना क्षेत्र के रेणुकूट पुलिस चौकी अंतर्गत एक निजी अतिथि गृह में गुरुवार की देर रात वन निगम के डिप्टी लॉगिंग मैनेजर (डीएलएम) सत्यपाल प्रसाद (40) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उनका शव अतिथि गृह के कमरे में पंखे के सहारे गमछे से लटका मिला। घटना की सूचना पर पिपरी पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने शव को उतरवाकर आवश्यक कार्रवाई के बाद हिंडालको मोर्चरी में रखवा दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक सत्यपाल प्रसाद पुत्र जयराम प्रसाद मूल रूप से ग्राम भरहे चौरा, भटनी सलेमपुर, जनपद देवरिया के निवासी थे। उनकी मूल तैनाती मिर्जापुर डिविजन में थी, जबकि पिपरी डिविजन का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास था। बताया गया कि गुरुवार की शाम करीब सात बजे वह विभागीय कार्य के सिलसिले में रेणुकूट पहुंचे थे। इसके बाद वह रेणुकूट पुलिस चौकी क्षेत्र स्थित एक निजी अतिथि गृह में ठहरे हुए थे बताया गया कि देर रात सत्यपाल प्रसाद के चालक ने उनके मोबाइल फोन पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया। लगातार फोन करने के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर चालक को चिंता हुई। इसके बाद वह अतिथि गृह पहुंचा और कमरे में मौजूद सत्यपाल प्रसाद से संपर्क करने का प्रयास किया। काफी प्रयास के बाद कमरे का दरवाजा खोले जाने पर सत्यपाल प्रसाद पंखे के सहारे गमछे से लटके मिले। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया। टीम ने अतिथि गृह के कमरे का निरीक्षण किया और घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों का जायजा लेते हुए संबंधित लोगों से जानकारी प्राप्त की आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया गया। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। मौत के कारणों और घटना की परिस्थितियों को लेकर आधिकारिक विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। शुक्रवार की सुबह घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग और वन निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी हिंडालको मोर्चरी पहुंचे। अधिकारियों और कर्मचारियों ने सत्यपाल प्रसाद की मौत पर शोक व्यक्त किया। घटना की जानकारी के बाद विभागीय कर्मचारियों में भी शोक का माहौल है। बताया गया कि मृतक के परिवार में उनकी पत्नी के अलावा करीब तीन और पांच वर्ष की उम्र के दो छोटे बच्चे हैं। उनका परिवार मिर्जापुर में रहता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजनों में शोक की लहर है। सत्यपाल प्रसाद की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या कारण रहे, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, जांच की प्रगति और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।










