चंदौली के धानापुर ब्लॉक के अहिकौरा गांव में समाजसेवी अमित मौर्य ने एक नई पहल की है। उन्होंने अपनी दादी तेरसी देवी के निधन के बाद मृत्यु भोज का बहिष्कार किया।
शोकसभा का आयोजन कर गांव के गरीब स्कूली बच्चों को कॉपी, पेन और बैग बांटे गए। साथ ही, आए हुए मेहमानों को पौधे भी दिए गए। अमित मौर्य ने पर्यावरण बचाने की अपील की।
तेरसी देवी के बेटे धर्मदेव मौर्य, रामप्रवेश मौर्य, जयप्रकाश मौर्य और विजय मौर्य ने भी मृत्यु भोज न करने का फैसला लिया। इस मौके पर हजारों लोगों ने मृत्यु भोज न करने का संकल्प लिया।
पूर्व लोकसभा प्रत्याशी सत्येंद्र मौर्य ने इसे फिजूलखर्ची बताया। उन्होंने कहा कि शोक के समय भोज देना गलत है और इसे समाज को ही रोकना होगा। कार्यक्रम में आए अतिथियों को खीर भी परोसी गई। डॉ. काशीनाथ कुशवाहा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।










