पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज (आनंदनगर)।जब प्रशासनिक दूरदर्शिता और मानवीय संवेदनशीलता का अनूठा संगम होता है, तो वह न सिर्फ बुनियादी ढांचा बदलता है बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन को भी एक नई गरिमा प्रदान करता है। उत्तर प्रदेश की अग्रणी नगर पंचायतों में शुमार आनंदनगर (फरेन्दा) आज इसी ऐतिहासिक विकासात्मक बदलाव का साक्षी बन रहा है। एक विशेष प्रेस वार्ता को संयुक्त रूप से संबोधित करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष विजय लक्ष्मी जायसवाल और पूर्व अध्यक्ष व वर्तमान अध्यक्ष प्रतिनिधि राजेश जायसवाल ने क्षेत्र के कायाकल्प का ऐतिहासिक रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किया। इसके साथ ही, क्षेत्र के कद्दावर नेता राजेश जायसवाल ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अपनी मजबूत दावेदारी पेश करते हुए एक बड़ा राजनीतिक उद्घोष किया।
‘अंत्योदय’ के विजन से संवरी आनंदनगर की सूरत
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जनप्रतिनिधियों ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में आनंदनगर के संपूर्ण विकास के लिए जो मजबूत नींव रखी गई थी, आज उस पर सर्वसमावेशी प्रगति की एक भव्य इमारत खड़ी हो चुकी है।
* रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों को ‘हाट बाजार’ का सुरक्षा कवच: सड़कों और मुख्य पटरियों पर दुकान लगाने वाले अत्यंत गरीब दुकानदारों के लिए एक भव्य व सुव्यवस्थित ‘हाट बाजार’ का निर्माण कराया गया है। इससे छोटे दुकानदारों को स्थाई रोजगार की सुरक्षा मिली है और नगर को जाम की गंभीर समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिली है।
* बिना भेदभाव अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा लाभ: शासन की मूल मंशा के अनुरूप नगर पंचायत में ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत पर काम हो रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत बिना किसी भेदभाव के शत-प्रतिशत पात्र गरीब परिवारों को पक्के मकान की सौगात दी गई है। साथ ही वृद्ध, विधवा और दिव्यांग पेंशन जैसी सभी लोक-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ हर जरूरतमंद तक सीधे पहुंचाया गया है।
* सड़कों और आधुनिक नालियों का सघन संजाल: नगर पंचायत के प्रत्येक वॉर्ड और सुदूर गलियों में सड़कों एवं नालियों का आधुनिक निर्माण कराया गया है, जिससे स्थानीय नागरिकों को जलजमाव और कीचड़ की समस्या से स्थाई निजात मिल गई है।
* स्वच्छता की अनूठी मिसाल और राजकीय अतिथि भवन: आनंदनगर को प्रदेश की सबसे स्वच्छ नगर पंचायतों की श्रेणी में लाने के लिए आधुनिक ठोस कचरा प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट) का सफल संचालन शुरू किया गया है। इसके अलावा, गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को निजी मैरिज हॉलों के भारी खर्च से बचाने के लिए एक भव्य ‘राजकीय सामुदायिक अतिथि भवन’ का निर्माण कराया गया है, जहाँ लोग बेहद किफायती दरों पर मांगलिक कार्यक्रम आयोजित कर पा रहे हैं।
“जिस हक से नगर पंचायत में रिकॉर्ड काम किया, उसी हक से लड़ूँगा विधानसभा”
प्रेस कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष व प्रखर नेता राजेश जायसवाल बेहद दृढ़ और भावुक स्वर में नजर आए।
उन्होंने क्षेत्र की जनता और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी भावी राजनीतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया।
“मैं अपनी पार्टी का एक निष्ठावान और समर्पित सिपाही हूँ। मेरी पार्टी ही मेरी माँ है। भाजपा ने लगातार तीन बार मेरे परिवार और मुझे चेयरमैन बनाकर जनता की सेवा का अवसर दिया, जिसके लिए मैं शीर्ष नेतृत्व का आभारी हूँ और पार्टी का निर्णय मेरे लिए हमेशा सर्वमान्य रहेगा। लेकिन जिस तरह मैंने चेयरमैन रहते हुए रिकॉर्ड विकास कार्य किए हैं और नगर का स्वरूप बदला है, उसी हक, विश्वास और विकास के दम पर मैं अब आप लोगों के बीच विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा हूँ। यदि पार्टी मुझ पर भरोसा जताते हुए आगामी चुनाव में टिकट देती है, तो मैं इस क्षेत्र के कल्याण, सामाजिक सेवा और चहुंमुखी विकास के लिए ऐतिहासिक काम करूँगा।”
— राजेश जायसवाल, पूर्व अध्यक्ष व अध्यक्ष प्रतिनिधि
उन्होंने क्षेत्र की देवतुल्य जनता से सादर आग्रह करते हुए कहा कि आनंदनगर और पूरे विधानसभा क्षेत्र की कई ऐसी बुनियादी समस्याएं हैं, जो दशकों से उपेक्षित रही हैं। जनता यदि मौका दे और पार्टी टिकट देकर आशीर्वाद प्रदान करे, तो आम जनमानस की पीड़ा और हकों की आवाज़ को सीधे विधानसभा के पटल पर पूरी मजबूती से उठाया जाएगा।
‘मिशन विधानसभा’ के लिए प्रस्तुत किया ठोस रोडमैप
क्षेत्र की गंभीर समस्याओं को रेखांकित करते हुए राजेश जायसवाल ने विधानसभा स्तर पर विकास का एक स्पष्ट और आधुनिक रोडमैप जनता के सामने रखा:
1. राजकीय महाविद्यालय का ऐतिहासिक निर्माण: पूरे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के उचित संसाधनों की भारी कमी को देखते हुए आनंदनगर के वर्तमान इंटर कॉलेज को अपग्रेड कराकर यहाँ एक सर्वसुविधायुक्त राजकीय महाविद्यालय (डिग्री कॉलेज) की स्थापना कराना पहला संकल्प है, ताकि क्षेत्र की बेटियों और युवाओं को पढ़ाई के लिए बाहर न भटकना पड़े।
2. चिकित्सा सुविधाओं का आधुनिकीकरण: क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए प्राथमिक (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को आधुनिक व हाई-टेक बनाया जाएगा, ताकि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए गरीबों को बड़े शहरों की तरफ न भागना पड़े।
3. आधुनिक राजकीय बस स्टेशन का निर्माण: आनंदनगर परिवहन का एक मुख्य केंद्र होने के बावजूद आज तक सुव्यवस्थित बस स्टेशन से वंचित है। यात्रियों और स्थानीय जनता की सुविधा के लिए यहाँ एक आधुनिक राजकीय बस स्टेशन का निर्माण कराना सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
4. लंबित समस्याओं का स्थाई निदान: राजनीतिक उदासीनता के कारण दशकों से लंबित पड़ी क्षेत्र की सैकड़ों छोटी-बड़ी जनसमस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हमेशा के लिए हल किया जाएगा।
प्रेस वार्ता के अंत में उन्होंने आश्वस्त किया कि आनंदनगर को उत्तर प्रदेश की एक ‘मॉडल नगर पंचायत’ के रूप में स्थापित करने का जो सपना उन्होंने देखा था, वह अब धरातल पर साकार हो रहा है। जनहित, विकास और पारदर्शिता का यह सफर भविष्य में भी इसी तीव्र गति से अनवरत आगे बढ़ता रहेगा।










