पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। बबुआपुर सोनवानी मठिया के प्रसिद्ध संत एवं महंत श्री सुदर्शन दास जी महाराज शनिवार सुबह ब्रह्मलीन हो गए। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मठिया पर पहुंचने लगे। संत सुदर्शन दास जी महाराज लंबे समय से आध्यात्मिक साधना और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय थे। उनके ब्रह्मलीन होने से क्षेत्र के अनुयायियों और श्रद्धालुओं में गहरा दुख व्याप्त है।
शनिवार को उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु, संत-महात्मा और ग्रामीण शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन करते हुए नम आंखों से संत को विदाई दी।
अंतिम यात्रा पचरुखिया स्थित गंगा घाट पहुंची। यहां वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधि-विधान के साथ उन्हें जल समाधि दी गई। इस दौरान उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने महान संत को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
सोनवानी मठिया के संत ब्रह्मलीन, पचरुखिया घाट पर जल समाधि दी गई










