पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। भारतीय किसान मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा है कि देश में सामाजिक समरसता कायम रहनी चाहिए। उन्होंने रविवार को बलिया के सोनबरसा स्थित अपने कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही। मस्त ने जोर दिया कि समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि भारत की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कृषि पर आधारित है। कृषि क्षेत्र में किसान के साथ समाज का हर वर्ग मिलकर मेहनत करता है। किसान अपने खून-पसीने से उत्पादन कर बिना किसी भेदभाव के पूरे समाज का भरण-पोषण करता है। पूर्व सांसद ने कहा कि समाज में समरसता बनाए रखने और उसे मजबूत करने के लिए जिम्मेदार लोगों को हर संभव प्रयास करना चाहिए। उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें समृद्ध करने और उनके चेहरों पर खुशहाली लाने के लिए निरंतर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया। मस्त ने स्पष्ट किया कि भेदभाव की राजनीति किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। उन्होंने भारत को ऋषि-कृषि परंपरा वाला देश बताते हुए कहा कि यहां समाज हित के विपरीत कोई भी कार्य स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी परिस्थिति में आपसी सौहार्द नहीं बिगड़ना चाहिए और देश हित हमेशा सर्वोपरि होना चाहिए। पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने बलिया जिले के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में स्वीकृत हुए विकास कार्य समय पर पूरे होंगे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जिन योजनाओं के प्रस्ताव भेजे हैं, उनके भी स्वीकृत होने की उम्मीद है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और प्रदेश सरकार इस दिशा में उदारतापूर्वक कार्य करेगी। उन्होंने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों की सराहना की। मस्त ने कहा कि दोनों सरकारें देश और समाज हित के प्रति संवेदनशील हैं, जिसके कारण देश तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शासित राज्यों में भयमुक्त समाज की स्थापना हुई है और आने वाले समय में विकास को और गति देने का प्रयास किया जाएगा।
किसानों की समृद्धि से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी भेदभाव की राजनीति अनुचित’: वीरेंद्र सिंह मस्त










