पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज। 24 मार्च 2026। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा प्राथमिकता प्राप्त कृषक पंजीकरण योजना जिले में अभी तक अपेक्षित वेग प्राप्त नहीं कर सकी है। निर्धारित कालावधि में शत-प्रतिशत पंजीकरण का लक्ष्य न्यूनतम चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, कुल 430,732 कृषकों का पंजीकरण लक्ष्य निर्धारित था, किन्तु अब तक केवल 356,646 (लगभग 82.80 प्रतिशत) का ही सफलतापूर्वक पंजीकरण सम्पन्न हो सका है। शेष 74,086 कृषक इस महत्त्वपूर्ण डिजिटल प्रक्रिया से वंचित हैं, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रहण करने में उन्हें कठिनाई हो रही है।
अभियान को त्वरित करने हेतु विस्तृत प्रयास
पंजीकरण को गतिमान बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने राजस्व एवं कृषि विभाग के कर्मियों, ग्राम पंचायत सहायकों सहित अन्य को ग्रामान्तर गृह-द्वार अभियान चलाने के निर्देश प्रदान किए हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर प्रतिदिन विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित हो रहे हैं, जहाँ कृषकों को तत्काल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, सामान्य सेवा केन्द्रों (सीएससी) के माध्यम से प्रचालन पोर्टल पर पंजीकरण प्रक्रिया सरलीकृत की गई है।
तांत्रिक एवं अन्य बाधाएँ प्रमुख समस्या
अभियान की प्रगति में तांत्रिक कठिनताएँ सबसे बड़ा अवरोध सिद्ध हो रही हैं। अनेक कृषकों की खाता-खतौनी में नाम का वर्तनी असंगति, अपरिहार्य दस्तावेजों (जैसे आधार पत्र, बैंक खाता विवरण) का अभाव तथा प्रचालन पोर्टल पर सर्वर की मंद गति मुख्य बाधक हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में संजाल (इंटरनेट) की दुरवस्था भी महत्त्वपूर्ण समस्या है, जहाँ संकेतक की न्यूनता के कारण प्रेषण में घण्टों विलम्ब होता है। जिला कृषि अधिकारी ने कहा, “ये बाधाएँ स्वाभाविक हैं, किन्तु हमारी पृथक् निरन्तर संकल्पबद्ध है।”
पंचायत स्तर पर नवीन प्रारम्भिकता: सहायकों को दायित्व
कृषकों को ग्राम पंचायत स्तर पर ही सुगमता प्रदान करने हेतु ग्राम सचिवों को अपंजीकृत कृषकों की विस्तृत सूची सौंप दी गई है। अब पंचायत सहायक प्रत्यक्ष रूप से कृषक पंजीकरण कर सकेंगे, जिससे दुर्गम ग्रामों के कृषकों को तहसील या प्रखण्ड कार्यालय जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी। यह कदम विशेषतः महिला कृषकों एवं वृद्धजनों हेतु सान्त्वना सिद्ध होगा।
भावी रणनीति एवं आवाहन
जिला मजिस्ट्रेट ने शेष पंजीकरण पूर्ण करने हेतु आगामी सप्ताह में विशेष चेतना अभियान चलाने के आदेश दिए हैं। कृषकों से अपील की गई है कि वे समीपतम पंचायत या सीएससी पर दस्तावेजों सहित उपस्थित होकर पंजीकरण कराएँ, जिससे पोषक किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का अविरल लाभ प्राप्त हो सके। अभियान की सिद्धि से जिले के कृषक सक्षम होंगे तथा डिजिटल कृषि क्रान्ति को प्रेरणा मिलेगी।
कृषक पंजीकरण अभियान की गति मंद, 17 प्रतिशत लक्ष्य शेष; तांत्रिक बाधाएँ एवं संजाल समस्या मुख्य अवरोध









