मुरादाबाद के बहुचर्चित मैनाठेर कांड में 15 साल बाद बड़ा फैसला आया है। अदालत ने IPS अधिकारी पर जानलेवा हमला करने के मामले में 16 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसले के बाद पूरे प्रदेश में इस मामले की फिर चर्चा तेज हो गई है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ) ने चार दिन पहले सभी आरोपियों को दोषी करार दिया था। शनिवार को सजा सुनाते हुए अदालत ने 16 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी। यह मामला उस समय का है जब अशोक कुमार सिंह पर भीड़ ने हमला कर दिया था और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
क्या था पूरा मामला
घटना मैनाठेर क्षेत्र में हुई थी, जहां पुलिस टीम पर अचानक भीड़ ने हमला कर दिया था। उस दौरान IPS अशोक सिंह को घेरकर पीटा गया और वे अधमरे हालत में सड़क पर गिर गए थे। बताया जाता है कि हालात इतने बिगड़ गए थे कि मौके पर मौजूद प्रशासनिक अमला भी खुद को बचाने में लग गया।
इस हमले में अधिकारी को गंभीर चोटें आई थीं और लंबे समय तक उनका इलाज चला था। घटना ने उस समय कानून-व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े किए थे।
15 साल बाद आया न्याय
लंबी सुनवाई और गवाहों के बयान के बाद अदालत ने 16 आरोपियों को दोषी माना। शनिवार को सजा सुनाते हुए अदालत ने सभी को उम्रकैद की सजा दी।
वर्तमान में लखनऊ में तैनात अशोक सिंह प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों में गिने जाते हैं। फैसले को न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
मुख्य बिंदु
- 15 साल बाद अदालत का बड़ा फैसला
- IPS अधिकारी पर जानलेवा हमले का मामला
- 16 दोषियों को उम्रकैद
- मैनाठेर कांड से जुड़ा मामला
- लंबी सुनवाई के बाद आया निर्णय
इस फैसले को कानून व्यवस्था के लिहाज से अहम माना जा रहा है और इसे पुलिस बल के लिए भी बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।










