मेरठ में शनिवार को तलाक के बाद एक अनोखी तस्वीर देखने को मिली। परिवार ने अपनी बेटी का फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया। कोर्ट से घर तक लोग नाचते-गाते पहुंचे और मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की गई।
🌼 रिटायर्ड जज पिता ने किया सम्मान
रिटायर्ड जज ज्ञानेंद्र शर्मा ने बेटी प्रणिता शर्मा को फूल-माला पहनाकर घर में प्रवेश कराया। परिवार के सभी सदस्य ब्लैक टी-शर्ट पहने नजर आए, जिन पर “आई लव माय डॉटर” लिखा था।
💍 2018 में हुई थी शादी
ज्ञानेंद्र शर्मा ने बताया कि 14 दिसंबर 2018 को प्रणिता की शादी शाहजहांपुर निवासी आर्मी मेजर गौरव अग्निहोत्री से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष का व्यवहार ठीक नहीं रहा और उन्हें लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
⚖️ कोर्ट ने मंजूर किया तलाक
प्रणिता शर्मा ने मेरठ फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी दाखिल की। 4 अप्रैल को कोर्ट ने तलाक मंजूर कर लिया, जिसके बाद परिवार उन्हें सम्मान के साथ घर लेकर आया।
🎓 आत्मनिर्भर बेटी की मिसाल
प्रणिता शर्मा शास्त्री नगर स्थित प्रणव वशिष्ठ ज्यूडिशियल अकादमी में फाइनेंस डायरेक्टर हैं और मनोविज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएट हैं। उन्होंने कहा कि परिवार के समर्थन से उन्होंने खुद को संभाला और अन्य महिलाओं से चुप न रहने की अपील की।
🗣️ पिता का संदेश
ज्ञानेंद्र शर्मा ने कहा, “मेरी बेटी कोई सामान नहीं, परिवार का हिस्सा है।” उन्होंने बताया कि उन्होंने कोई एलीमनी नहीं ली और बेटी को उसी सम्मान के साथ वापस घर लाया, जैसे विदा किया था।
👩👧 महिला सशक्तिकरण का संदेश
प्रणिता शर्मा ने बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रताड़ना सहने के बजाय महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना चाहिए।
निष्कर्ष:
मेरठ की यह घटना समाज को संदेश देती है कि बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि सम्मान और बराबरी का हक मिलना चाहिए। तलाक को अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत के रूप में देखने की पहल ने इस मामले को चर्चा में ला दिया है।










