पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
विधि संवाददाता बलिया। सोलह वर्षीय नाबालिक किशोरी को बहला फुसलाकर अपहरण करने के एक मामले में सुनवाई करते हुए विशेष न्यायाधीश पाक्सो कोर्ट प्रथमकांत की न्यायालय ने उभय पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत पकड़ी गांव के अभियुक्त सलमान उर्फ समादन को दोषी ठहराते हुए पच्चीस साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है और साथ ही न्यायालय ने पैंतीस हजार रुपए जुर्माना भी लगाई है। जुर्माने की धनराशि अदा नहीं करने पर अभियुक्त को अतिरिक्त एक साल का कारावास भुगतना पड़ेगा।
अभियोजन के मुताबिक यह घटना पकड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गांव में 25सितंबर 2025 को समय करीब सुबह 7बजे घटित हुआ था घटना होने के करीब 4घंटे बाद वादी मुकदमा के तहरीर पर आरोपी के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत हुआ। तहरीर में वादी मुकदमा द्वारा आरोप लगाया गया था कि उसकी नाबालिग किशोरी 9वीं की छात्रा जब स्कूल पढ़ने जाती तो आरोपी पीछा करता था और तरह तरह के प्रलोभन देकर उसे बहलाकर रेलवे स्टेशन बलिया लाया और कलकत्ता जाने वाली गाड़ी में बैठा दिया,तथा कहा कि आराम से बैठो,आ रहा हूं। गाड़ी खुल गई लड़की अकेली ही देवघर (मधुपुर) झारखंड पहुंच कर उतर गई। इसके बाद वहां के पुलिस कर्मी बलिया बात कर सुरक्षित पहुंचाएं। इसके बाद न्यायालय द्वारा कलमबंद बयान पीड़ित का लिया गया। विवेचक ने जांच पूरी कर न्यायालय को चार्जशीट 24नवंबर 2025को प्रेषित कर दी। जिसमें परीक्षण के दौरान विशेष अभियोजक राकेश पांडे ने पीड़िता समेत पांच गवाहों को परीक्षित कराया तथा बचाव पक्ष ने भी अपना तर्क न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया।
अपहरण एवं दुष्कर्म के अभियुक्त को सुनाई पच्चीस साल की कठोर कैद










