मेरठ की सेंट्रल मार्केट में दुकानों की सीलिंग को लेकर बुधवार को दूसरे दिन भी हंगामा जारी रहा। प्रशासन की कार्रवाई के दौरान एक कारोबारी बेहोश हो गया, जबकि महिलाओं के रोने और व्यापारियों के विरोध से माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
🏬 सीलिंग के दौरान बवाल
सेंट्रल मार्केट शास्त्रीनगर में सीलिंग करने पहुंची टीमों का व्यापारियों ने विरोध किया।
नाराज कारोबारी सड़क पर बैठ गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
इसी दौरान एक व्यापारी बेहोश हो गया, जिसे साथी एम्बुलेंस तक ले गए।
🏥 अस्पताल में इलाज
बेहोश व्यापारी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद हालत स्थिर बताई।
करीब दो घंटे बाद घर भेजने की तैयारी की गई।
😢 महिलाओं का फूट-फूटकर रोना
दुकानों को सील होते देख कई महिलाएं भावुक हो गईं।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने गुमराह किया।
एक कारोबारी ने कहा — 70 करोड़ रुपए वसूले, फिर भी सीलिंग की जा रही है।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट का आदेश
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कार्रवाई की गई।
44 संपत्तियों को सील करने का आदेश दिया गया था।
आवास विकास परिषद की 7 टीमों ने कार्रवाई शुरू की।
🗣️ नेताओं और अफसरों में बहस
विरोध के बीच जीतू नागपाल मौके पर पहुंचे।
ब्रजेश सिंह ने राजनीतिक नारेबाजी पर आपत्ति जताई।
दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई।
📌 क्या है पूरा मामला?
1978 में रिहायशी प्लॉट काटे गए थे।
बाद में इन्हें मिलाकर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बना दिए गए।
अब कोर्ट के आदेश के बाद 44 दुकानों पर सीलिंग की गई।
🔎 निष्कर्ष
सेंट्रल मार्केट सीलिंग को लेकर व्यापारियों में भारी नाराजगी है।
प्रशासन कार्रवाई जारी रखने के मूड में है, जबकि विरोध भी तेज होता जा रहा है।










