वाराणसी | विशेष रिपोर्ट
वाराणसी के चर्चित टकसाल सिनेमा कांड में बड़ा न्यायिक फैसला सामने आया है। एमपी-एमएलए कोर्ट ने 24 साल पुराने इस मामले में अभय सिंह, विनीत सिंह समेत सभी 6 आरोपियों को बरी कर दिया है। इस फैसले से धनंजय सिंह को बड़ा झटका लगा है।
🔴 मुख्य हाइलाइट्स (Key Highlights)
- 24 साल पुराने टकसाल कांड में सभी आरोपी बरी
- अभय सिंह, विनीत सिंह समेत 6 आरोपियों को राहत
- धनंजय सिंह ने फायरिंग का लगाया था आरोप
- कोर्ट ने पहले भी गैंगस्टर एक्ट मामले में दी थी राहत
- फैसले के दौरान भारी पुलिस सुरक्षा तैनात
⚖️ क्या है पूरा मामला?
यह मामला 4 अक्टूबर 2002 का है, जब धनंजय सिंह अपने साथियों के साथ वाराणसी से जौनपुर लौट रहे थे।
आरोप था कि नदेसर स्थित टकसाल सिनेमा के पास बोलेरो सवार अभय सिंह और उनके साथियों ने उनके काफिले पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
इस हमले में धनंजय सिंह, उनके गनर और चालक घायल हो गए थे। बाद में सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
👨⚖️ कोर्ट का फैसला
विशेष न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाते हुए कोर्ट ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया।
इससे पहले गैंगस्टर एक्ट के मामले में भी 2025 में आरोपियों को राहत मिल चुकी थी।
🚨 सुरक्षा के कड़े इंतजाम
फैसले को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे:
- 2 IPS अधिकारी
- 3 ACP
- 350+ पुलिसकर्मी
- PAC की एक कंपनी तैनात
🛕 फैसले से पहले आस्था का सहारा
फैसले से पहले धनंजय सिंह ने काशी विश्वनाथ मंदिर और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया था और न्याय की उम्मीद जताई थी।
📊 राजनीतिक और कानूनी मायने
इस फैसले को सिर्फ एक केस का अंत नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे राजनीतिक और कानूनी संघर्ष का अहम पड़ाव माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार:
- न्यायिक प्रक्रिया की लंबाई पर सवाल
- राजनीतिक समीकरणों पर असर
- भविष्य की कानूनी रणनीतियों में बदलाव संभव
🧾 निष्कर्ष
24 साल पुराने इस हाई-प्रोफाइल केस में सभी आरोपियों का बरी होना एक बड़ा मोड़ है। अब नजर इस बात पर है कि आगे इस मामले में कोई नई कानूनी कार्रवाई होती है या नहीं।










