📰 लखनऊ प्रेस कॉन्फ्रेंस: महिला आरक्षण पर CM योगी का विपक्ष पर तीखा हमला
📍 मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रेस कॉन्फ्रेंस
- महिला आरक्षण बिल पर भारतीय जनता पार्टी का विपक्ष पर सीधा वार
- नरेंद्र मोदी की मंशा का किया बचाव
- सपा और कांग्रेस पर बिल रोकने का आरोप
- संसद में व्यवहार को बताया “द्रौपदी चीरहरण” जैसा
🧾 क्या बोले CM योगी?
लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में संसद में महिलाओं की संख्या सीमित है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इसमें बाधा डाली।
योगी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि “गेस्ट हाउस कांड” के पाप धोने का यह मौका था, लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया।
🏛️ महिला आरक्षण बिल पर सरकार का पक्ष
सीएम योगी ने बताया कि:
- वर्ष 2023 में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को मंजूरी दी गई थी
- 2029 से इसे लागू करने के लिए संशोधन बिल लाया गया
- विशेष सत्र बुलाकर इसे पारित कराने की कोशिश हुई
उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया था कि:
- किसी का हक नहीं छीना जाएगा
- लोकसभा और विधानसभा में सीटों की संख्या बढ़ाई जाएगी
- दक्षिणी राज्यों के हितों की भी पूरी रक्षा होगी
⚖️ विपक्ष पर गंभीर आरोप
सीएम योगी ने विपक्ष के व्यवहार पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि संसद में जो माहौल बनाया गया, वह “द्रौपदी के चीरहरण” जैसा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष महिलाओं के अधिकारों को लेकर गंभीर नहीं है और सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दे को भटका रहा है।
🔍 राजनीतिक असर
- महिला आरक्षण बिल पर सियासी घमासान तेज
- सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप चरम पर
- 2029 के चुनावी समीकरणों पर पड़ सकता है असर
- महिला सशक्तिकरण को लेकर देशभर में बहस तेज
📊 निष्कर्ष
महिला आरक्षण विधेयक पर बयानबाज़ी अब और तीखी होती जा रही है।
एक तरफ सरकार इसे महिला सशक्तिकरण का बड़ा कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रणनीति करार दे रहा है।
आने वाले दिनों में यह मुद्दा देश की राजनीति के केंद्र में बना रह सकता है।










