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बिना शिक्षकों के चल रहा बड़ौरा खालसा प्राथमिक विद्यालय, ग्रामीणों में रोष

पूर्वांचल राज्य/चंदौली

चंदौली जिले के धानापुर विकासखंड अंतर्गत बड़ौरा खालसा प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की अनुपस्थिति के बावजूद पठन-पाठन कार्य संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय के शिक्षकों की ड्यूटी मतगणना/जनगणना प्रशिक्षण में लगा दी गई है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि एक ओर सरकार गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों की गैरमौजूदगी से शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि शिक्षकों की नियुक्ति बच्चों को पढ़ाने के लिए की गई है या अन्य कार्यों में लगाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने के लिए। उन्होंने तत्काल विद्यालय में शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी अवधेश नारायण सिंह ने बताया कि शिक्षकों को जनगणना प्रशिक्षण में भेजा गया है, लेकिन सभी शिक्षकों की एक साथ ड्यूटी नहीं लगनी चाहिए थी। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि विद्यालय में शिक्षक नहीं हैं तो अन्य विद्यालयों से शिक्षकों की व्यवस्था कर पठन-पाठन सुचारु कराया जाएगा।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी चंदौली चंद्र मोहन गर्ग का ध्यान इस ओर आकर्षित कराते हुए जल्द समाधान की मांग की है।

वहीं, सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह ‘डब्लू’ ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षकों को पढ़ाई से हटाकर अन्य कार्यों में लगाने से गरीब बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के चलते शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

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