चंदौली जिले के धानापुर कस्बे में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने शहीद पार्क का दौरा किया। उन्होंने 1942 के धानापुर कांड में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और भक्तों से संवाद किया।
इस अवसर पर धानापुर के स्थानीय मुसलमानों ने सिराजुद्दीन भुट्टो के नेतृत्व में दर्जनों लोगों के साथ शंकराचार्य महाराज का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक मनोज कुमार सिंह ‘डब्लू’ भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे और स्वामी जी का आशीर्वाद लिया। उन्होंने गौहत्या बंद करने और गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग का पूर्ण समर्थन किया। अपनी यात्रा के दौरान, अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने बताया कि वे गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने और गौहत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए देशव्यापी यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान को लोगों का अपार समर्थन मिल रहा है।
शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि भगवा चोला पहने प्रदेश का मुखिया गौ तस्करी करा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार खुद को हिंदुत्ववादी बताती है, लेकिन एक वेबसाइट के अनुसार, 16 करोड़ गौमाताओं को काटकर विदेशों में उनका व्यापार कर रही है।उन्होंने लोगों से इस बार गौ माता के लिए मतदान करने का आह्वान किया और ऐसी “झूठी सरकार” को हटाने का काम करने को कहा। शंकराचार्य ने जोर देकर कहा कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो हिंदू की बात करता है और भगवा चोला पहनकर गाय काटने का लाइसेंस देता है, वह हिंदुओं की रक्षा कैसे करेगा।
शंकराचार्य ने कहा कि जो गाय की रक्षा नहीं कर सकता, उसे मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अगली बार उसी को वोट दिया जाए जो गाय की रक्षा करेगा और उसे राष्ट्र माता घोषित करवाने का काम करेगा।
इस मौके पर मुख्य रूप से वैभव त्रिपाठी, पूर्व विधायक मनोज सिंह डब्लू, संतोष पाठक,सिराजुद्दीन भुट्टो, हसन खान, डॉ. मसूद खान, महताब आलम, इकरामुद्दीन अंसारी, मौलाना आफताब, जफर अली मकुनी, इबरार खान, मु. सिद्दीक, मासूम खान, दरोगा हासमी, वसीम अंसारी और मेराज हासमी सहित कई अन्य मुसलमानों ने शंकराचार्य का स्वागत किया और गौहत्या पर रोक लगाते हुए गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग का समर्थन किया।










