चंदौली जिले के धानापुर क्षेत्र में गंगा नदी में डूबे युवक मंगल यादव का 24 घंटे बाद भी पता नहीं चलने से ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मंगलवार को ग्राम प्रधान मनोज उपाध्याय के नेतृत्व में ग्रामीणों ने धानापुर-चहनिया मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सकलडीहा के उपजिलाधिकारी सहित उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। नायब तहसीलदार और प्रभारी निरीक्षक त्रिवेणी लाल सेन ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करते रहे।
ग्रामीणों का आरोप है कि एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम लगातार तलाश अभियान चला रही है, लेकिन अब तक युवक का कोई सुराग नहीं मिला है। टीम द्वारा अपनी असमर्थता जताए जाने से लोगों में नाराजगी बढ़ गई। चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाने-बुझाने में जुटी रही।
यह घटना सोमवार सुबह की है, जब बुद्धपुर गांव निवासी 18 वर्षीय मंगल यादव पुत्र किशुनदेव यादव अपने तीन साथियों के साथ भैंस लेकर गंगा नदी में स्नान करने गया था। स्नान के दौरान सभी युवक तैरकर गंगा नदी पार करने लगे। कुछ दूर जाने के बाद वे तेज धारा की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि मंगल गहरे पानी में डूबने लगा। उसके साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने नाव और गोताखोरों की मदद से तलाश शुरू कराई थी। बाद में एसडीआरएफ/एनडीआरएफ टीम को भी बुलाया गया, लेकिन मंगलवार दोपहर तक युवक का पता नहीं चल सका।
चक्काजाम की जानकारी मिलते ही सैयदराजा के पूर्व विधायक मनोज सिंह ‘डब्लू’ भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यदि अधिकारी समय रहते ध्यान देते, तो धरना देने की आवश्यकता नहीं पड़ती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार से नाव में तेल भरवाने के लिए पैसे लिए गए थे, जो उनके हस्तक्षेप के बाद वापस किए गए। पूर्व विधायक ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर पीड़ित परिवार से शोक संवेदना व्यक्त करने न पहुंचने को लेकर भी सवाल उठाए।










