वाराणसी में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के दौरान योग गुरु Baba Ramdev ने सनातन, राजनीति और भारत की वैश्विक भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्वतंत्रता भवन में आयोजित आध्यात्मिक संगोष्ठी में देशभर से पहुंचे साधु-संतों और श्रद्धालुओं के बीच बाबा रामदेव ने कहा —
“जिन राजनीतिक दलों और नेताओं ने सनातन को गालियां दीं, उनकी राजनीतिक अंत्येष्टि हो चुकी है। श्रद्धांजलि और तर्पण भी जल्द हो जाएगा।”
उनका यह बयान तमिलनाडु के नेता प्रतिपक्ष Udhayanidhi Stalin के सनातन धर्म पर दिए गए पुराने बयान के संदर्भ में माना जा रहा है।
संतों का पुष्प वर्षा से स्वागत
कार्यक्रम में कई राज्यों से आए साधु-संतों का महिलाओं और बटुकों द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।
दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई और सभी संतों ने महामना Madan Mohan Malaviya को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
“भारत विश्व गुरु बनेगा” — बाबा रामदेव
कार्यक्रम में बाबा रामदेव ने कहा कि भारत फिर से विश्व गुरु बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा —
“आज भारत को ऐसा प्रधानमंत्री मिला है जो संस्कृति, धर्म और भारतीय परंपरा के अनुरूप शासन चला रहा है। हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गर्व है।”
साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की भी तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश को ऐसा मुख्यमंत्री मिला है जो “सनातन को जीता है।”
भाषण के बीच करने लगे योग
कार्यक्रम के दौरान बाबा रामदेव मंच पर योगासन करते भी नजर आए।
उन्होंने योग और भारतीय संस्कृति को जोड़ते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक पहचान है।
उनके योग प्रदर्शन पर सभागार तालियों से गूंज उठा।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान
बाबा रामदेव के “राजनीतिक अंत्येष्टि” वाले बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है।
कुछ लोग उनके बयान का समर्थन कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक टिप्पणी बता रहे हैं। “#Sanatan”, “#BabaRamdev” और “#Varanasi” सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगे।










