उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में बहुचर्चित देवकली पंप कैनाल कांड मामले में मंगलवार को बड़ा घटनाक्रम देखने को मिला। मामले के आरोपी पूर्व MLC Brijesh Singh मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) कोर्ट में पेश हुए, जहां उन्होंने अपना बयान दर्ज कराया और खुद को निर्दोष बताया।
यह मामला वर्ष 1990 के चर्चित देवकली पंप कैनाल कांड से जुड़ा है, जिसकी सुनवाई अब भी अदालत में जारी है।
क्या है पूरा मामला?
3 दिसंबर 1990 की सुबह करीब 7:30 बजे सैदपुर कोतवाली क्षेत्र में स्थित धरम्मरपुर-देवकली पंप कैनाल पर निर्माण कार्य चल रहा था।
वादी सरफराज अंसारी के मुताबिक उसी दौरान एक नीली कार से कुछ लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि कार में सवार लोगों में बृजेश सिंह, त्रिभुवन सिंह, विजयशंकर सिंह और दो अन्य लोग शामिल थे।
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने मौके पर पहुंचकर मारपीट की, मजदूरों में दहशत फैलाई और रुपये से भरा बैग छीन लिया।
एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपियों ने मौके पर खड़ी ट्रक के टायर पर गोली चलाकर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया था और कर्मचारियों को धमकाकर भगा दिया था।
कोर्ट में क्या हुआ?
मंगलवार को Nootan Dwivedi की अदालत में पूर्व MLC बृजेश सिंह पेश हुए।
अदालत में उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताते हुए खुद को निर्दोष बताया।
अभियोजन पक्ष की ओर से अब तक नौ गवाह पेश किए जा चुके हैं। अभियोजन की गवाही पूरी होने के बाद आरोपी का बयान दर्ज किया गया।
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 मई की तारीख तय की है।
अन्य आरोपियों की स्थिति
मामले में आरोपी रहे त्रिभुवन सिंह और विजयशंकर सिंह की याचिकाएं फिलहाल उच्च न्यायालय में लंबित बताई जा रही हैं। इसी कारण उनकी केस फाइल अलग कर दी गई है।
वहीं बृजेश सिंह के खिलाफ ट्रायल जारी है और अदालत में नियमित सुनवाई हो रही है।
राजनीतिक और आपराधिक गलियारों में चर्चा
देवकली पंप कैनाल कांड उत्तर प्रदेश के चर्चित पुराने मामलों में गिना जाता है।
करीब 35 साल पुराने इस केस में फिर से सुनवाई तेज होने के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा बढ़ गई है।
स्थानीय स्तर पर लोग इस मामले को पूर्वांचल की राजनीति और अपराध से जुड़े बड़े मामलों में से एक मानते हैं।









