पूर्वाचल राज्य संवाददाता दीपू तिवारी
सोनभद्र। रेणुकूट में बुधवार को सभी मेडिकल स्टोर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के तहत बंद रहे। दवा दुकानदारों ने ऑनलाइन माध्यम से हो रही दवाओं की बिक्री के विरोध में यह आंदोलन किया। यह हड़ताल ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट तथा ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर आयोजित की गई थी, जिसमें जिले भर के दवा विक्रेताओं ने भाग लिया।
दवा व्यापारियों ने आरोप लगाया कि बिना किसी स्पष्ट वैधानिक प्रावधान के ऑनलाइन दवाओं की बिक्री की जा रही है। उनका कहना है कि फर्जी ई-प्रिस्क्रिप्शन, बिना वैध चिकित्सकीय परामर्श के घर-घर दवा वितरण और भारी छूट जैसी गतिविधियां मरीजों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं।
व्यापारियों के अनुसार, इस अनियंत्रित बिक्री से देशभर के लाखों लाइसेंसधारी छोटे केमिस्ट और दवा व्यापारियों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में केवल जनमत आमंत्रित करने के उद्देश्य से जारी अधिसूचना अब अप्रासंगिक हो चुकी है।
कोविड महामारी के दौरान जारी किए गए विशेष प्रावधान केवल आपातकालीन परिस्थितियों के लिए थे, लेकिन वर्तमान में सामान्य परिस्थितियों में भी विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और ई-कॉमर्स कंपनियां इनका दुरुपयोग करते हुए अनियंत्रित होम डिलीवरी कर रही हैं।
दवा विक्रेताओं ने बताया कि इस संबंध में समय-समय पर केंद्र सरकार और संबंधित प्राधिकरणों को प्रमाण सहित शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने मांग की कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री तत्काल बंद की जाए।
इसके अतिरिक्त, व्यापारियों ने बिना सत्यापित ई-प्रिस्क्रिप्शन की दवा बिक्री और होम डिलीवरी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा ऑनलाइन दवा बिक्री से जुड़े सर्कुलर को वापस लेने की मांग की। साथ ही ऑनलाइन कंपनियों द्वारा दी जा रही अत्यधिक छूट नीति पर भी रोक लगाने की अपील की गई।
हड़ताल के दौरान वेद प्रकाश सिंह, सुशील कुमार, अब्दुल कादरी, रवि मौर्य, राजेश कुमार, तेज प्रताप, योगेंद्र शर्मा, दिलीप सिंह, केपी सिंह, आदित्य शुक्ला, सत्येंद्र कुमार, बीके मलिक और राजू शाह सहित बड़ी संख्या में दवा व्यापारी मौजूद रहे।










