चंदौली जिले के धानापुर विकासखंड क्षेत्र के गुरैनी गांव में ग्रामीणों ने चकबंदी प्रक्रिया और गंगा कटान के मुद्दे को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने चकबंदी प्रक्रिया को रद्द करने की मांग करते हुए पूरे गांव में भ्रमण किया।
ग्रामीणों ने चकबंदी विभाग पर जमीनों की बंदरबांट करने का आरोप लगाया। यह विरोध प्रदर्शन कम्युनिस्ट पार्टी (माले) और अखिल भारतीय किसान महासभा के तत्वावधान में आयोजित किया गया था।
प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में गंगा के तटवर्ती इलाकों में गंगा कटान से प्रभावित गांवों का नाव से दौरा भी किया। गंगा कटान को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। धानापुर विकासखंड क्षेत्र के नौघरा, बूढ़पुर, प्रसहता, दियाँ, सहेपुर, गुरैनी, कवलपुरा, सोनहुली, महुजी, जिगना सहित कई गांव गंगा कटान की चपेट में हैं। लगभग हजारों बीघा से अधिक किसानों की खेत गंगा कटान में समाहित हो चुके हैं।
अखिल भारतीय किसान महासभा के जिलाध्यक्ष श्रवण कुशवाहा ने कहा कि धानापुर विकासखंड क्षेत्र के कई गांव गंगा कटान से प्रभावित हैं, लेकिन अधिकारी, सरकार या कोई नेता इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि धानापुर और गुरैनी ग्राम सभाओं में चकबंदी विभाग द्वारा गरीबों की जमीनों के कागजात में बड़े स्तर पर फेरबदल किया जा रहा है और उनकी जमीनों की बंदरबांट की जा रही है।
कुशवाहा ने चेतावनी दी कि इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को लोगों का अपार समर्थन मिल रहा है और यदि समय रहते इसकी जांच नहीं हुई तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज से आंदोलन की शुरुआत की गई है।
इस मौके पर रामनिवास, परमेश्वर यादव, रामाश्रय यादव, हरिओम मिश्रा, दसमी निषाद, अमरदेव राम, रामप्यारे सैनी, किसान नेता शिवराज यादव, दसमी माझी, धर्मराज पाण्डेय, मुनीब निषाद, मिथिलेश पाण्डेय, रमेश राय, श्याम देई, रेखा, अंजना, श्यामनारायण गोड़ सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।










