पूर्वाचल राज्य संवाददाता : दीपू तिवारी
सोनभद्र न्यायालय में करीब दो वर्ष पूर्व हुए ललिता हत्याकांड मामले में शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सत्र न्यायाधीश राम सुलीन सिंह की अदालत ने आरोपी पति रामप्यारे को दोषसिद्ध पाकर 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने आरोपी पर 11 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि को सजा में समाहित किया जाएगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 1 अप्रैल 2023 को थाना दुद्धी क्षेत्र के कोरची टोला बियादामर निवासी रामप्यारे ने अपनी पत्नी ललिता (45) को गाली-गलौज करते हुए डंडे से गंभीर रूप से घायल कर दिया था। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई थी।
मामले में दुद्धी थाने में दर्ज रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने इसे गंभीर अपराध बताते हुए अधिकतम दंड की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने कम दंड की याचना की।
दोनों पक्षों की दलीलों, गवाहों के बयान एवं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए यह सजा सुनाई।










