सीएमओ बलिया ने न्यायालय के समक्ष मात्र ओपीडी एवं आईपीडी के लिए बताया अधिकृत
राजीव चतुर्वेदी/त्रिभुवन यादव
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
विधि संवाददाता बलिया। 26 मार्च 2026 को आकाश नर्सिंग होम जीरा अस्पताल के डॉक्टर एवं स्टाफ द्वारा प्रसूता को प्रसव हेतु दबाव बनाकर एवं उससे 30हजार रुपए भी जबरियां जमा कराकर अनाधिकृत तरीके से भर्ती करना एवं लापरवाही में जच्चा बच्चा की मृत्यु कारित करना उस समय डॉक्टर को महंगा पड़ा जब जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार झा की न्यायालय ने आरोपी डॉक्टर हेमंत कुमार सिंह की जमानत अर्जी निरस्त कर दी तथा जमानत अर्जी निरस्त तथा जमानत अर्जी के सुनवाई के उपरांत जिला जज श्री झा की न्यायालय ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि सीएमओ बलिया ने न्यायालय में उपस्थित होकर बताया है कि कमेटी के समक्ष उपस्थित होकर डॉक्टर अशोक कुमार श्रीवास्तव सर्जन ने स्वयं बयान दिया है वह ऑपरेशन के समय आकाश नर्सिंग होम में उपस्थित नहीं थे जबकि जमानत के स्तर पर डॉक्टर अशोक कुमार श्रीवास्तव सर्जन द्वारा इस आशय का शपथ पत्र भी दिया गया है कि उन्होंने ही सीजर ऑपरेशन किया है इस संबंध में विवेचक विधि के मुताबिक इस बिंदु पर आगे की विवेचना कर सकते हैं।
सीएमओ ने न्यायालय में तलब होने के उपरांत उपस्थित आकर यह भी बताया कि आकाश नर्सिंग होम के केवल ओपीडी एवं आईपीडी के लिए ही अधिकृत है सर्जरी ऑपरेशन के लिए अधिकृत नहीं है इससे स्पष्ट होता है कि अस्पताल में अनाधिकृत रूप से मृतका कुसुम राजभर का सर्जरी/ऑपरेशन किया गया एवं साथ ही अभियोजन के कथनों को संजीव सिंह के द्वारा किए गए तर्कों एवं बचाव के तर्कों को अवलोकन के उपरांत डॉक्टर हेमंत सिंह की जमानत अर्जित निरस्त कर दी है।
आकाश नर्सिंग होम के आरोपी डॉक्टर को न्यायालय ने खारिज किया जमानत अर्जी









