राजीव चतुर्वेदी/ त्रिभुवन यादव
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
विधि संवाददाता बलिया। नरही थाने क्षेत्र के विशेश्वरपुर गांव में विवाहिता द्वारा बच्चा पैदा नहीं करने पर उसे प्रताड़ित करने एवं अंततोगत्वा हत्या कर लाश छुपाने के उद्देश्य से पोखरी में फेंक देने के लगभग 7 साल पुराने मामले में सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोड संख्या (01)हरीश कुमार की न्यायालय ने अभियोजन की ओर से विनोद भारद्वाज एवं बचाव पक्ष से सहायक डिफेंस काउंसिल सीपी सिंह के तर्कों को सुनने के उपरांत अभियुक्त पति दीनानाथ पासवान पुत्र रामजीत पासवान विशेश्वरपुर नरही को दोष सिद्ध करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है तथा 10हजार रुपए जमाने से भी दंडित की है जुर्माने की धनराशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को अतिरिक्त एक साल का कारावास भुगतना पड़ेगा। अभियोजन के मुताबिक यह घटना नरही थाना क्षेत्र अंतर्गत 10 अगस्त 2019 को विशेश्वरपुर गांव में रात्रि को घटित हुआ था गाजीपुर जनपद के भंवरकोल सोनाड़ी गांव के नेपाल पासवान ने अपनी पुत्री तेतरी की शादी विशेश्वरपुर के रामजीत पासवान के पुत्र दीनानाथ पासवान के साथ 2014 में हिंदू धर्मशास्त्र के मुताबिक संपन्न कराई थी इसके बाद कोई बच्चा नहीं हुआ इसी बात को लेकर घटना के दिन पुत्री तेतरी को जान से मारकर पोखरी में फेंक दिया। इस घटना के बाबत वादी के तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत हुआ विवेचना 11 सितंबर 19 को पुलिस द्वारा जांच कर आरोपी के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया। इसी क्रम में कोर्ट द्वारा 27 जनवरी 21 को आरोपी का आरोप विचरित हुआ। गवाही समापन के उपरांत उभय पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत न्यायालय ने फैसला सुनाई है।
विवाहिता को हत्या कर फेंकने के जुर्म में आरोपी पति को हुई आजीवन कारावास की सजा व जुर्माना









