पूर्वाचल राज्य संवाददाता : दीपू तिवारी
सोनभद्र म्योरपुर पिंडारी स्थित नगराज टोला में खैर (कत्था) के पेड़ों की अवैध कटाई का मामला सामने आने के बाद *रेणुकूट वन प्रभाग डीएफओ कमल कुमार के निर्देश पर वन विभाग ने जांच तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, एक होमगार्ड के खेत से करीब दो दर्जन खैर के पेड़ बिना विभागीय अनुमति के काट दिए गए।
सूचना मिलने पर डीएफओ ने उप प्रभागीय वनाधिकारी अखिलेश पटेल को मौके पर भेजकर जांच कराई। जांच टीम को होमगार्ड के घर से लगभग 200 मीटर दूर चार अलग-अलग स्थानों पर खैर की लकड़ी के बोटे मिले। कुछ जगहों पर लकड़ियों का छिलका हटाने का कार्य भी चल रहा था, जिससे तस्करी की आशंका जताई जा रही है।
जांच के दौरान एक आम के पेड़ के नीचे हल्दू की लकड़ी भी बरामद हुई, जबकि खैर की लकड़ी का एक बोटा चिरा हुआ पाया गया। हालांकि टीम के पहुंचने से पहले ही मौके से सभी लोग फरार हो चुके थे।
वन विभाग ने मौके से मिले साक्ष्यों और ग्रामीणों की सूचना के आधार पर संबंधित होमगार्ड तथा अन्य कथित वन तस्करों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार खैर की लकड़ी और उससे बनने वाले कत्थे की बाजार में भारी मांग है। इसी वजह से वन तस्कर लगातार खैर के पेड़ों को निशाना बना रहे हैं। क्षेत्र में पहले भी बहुमूल्य पेड़ों की अवैध कटाई की शिकायतें सामने आती रही हैं।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि निजी जमीन पर लगे खैर के पेड़ काटने के लिए भी विभागीय अनुमति अनिवार्य होती है। इस मामले में किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी।
मामले में जबर सिंह ने बताया कि जांच में अवैध कटाई की पुष्टि हो चुकी है। पेड़ों की वास्तविक संख्या का आकलन किया जा रहा है तथा पेड़ मालिक और कटान कराने वालों की पहचान कर ली गई है।
विभाग ने संकेत दिए हैं कि मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।










