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“मां की मर्जी सर्वोपरि” : डीएम ने बेटे को लगाई फटकार, अनुकंपा नियुक्ति में संवेदनशील फैसला

पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
महराजगंज ( घुघली) पल्टू मिश्रा
मृत कर्मचारी की पत्नी की इच्छा से होगी नियुक्ति, परिवार से दुर्व्यवहार पर जिलाधिकारी सख्त

महराजगंज, 27 मई 2026। तहसील निचलौल के नजारत अनुभाग में कार्यरत नियमित चपरासी स्वर्गीय नन्दलाल के निधन के बाद अनुकंपा नियुक्ति को लेकर जिलाधिकारी श्री गौरव सिंह सोगरवाल ने संवेदनशीलता और सख्ती दोनों का परिचय देते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया मृतक कर्मचारी की पत्नी की इच्छा एवं सहमति के अनुसार ही कराई जाए।
जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत प्रार्थना पत्र में मृतक कर्मचारी की पत्नी सोना देवी निवासी ग्राम पनेवा पनेई, थाना कोतवाली, तहसील सदर, जनपद महराजगंज ने बताया कि उनके पति स्व० नन्दलाल का निधन 2 जनवरी 2026 को हो गया था। परिवार में पांच पुत्र हैं, जिनमें दो पुत्रों का विवाह हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ा पुत्र अमित कुमार एवं उसकी पत्नी उनके साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट करते हैं तथा अलग निवास करते हैं।
सोना देवी ने अपने तीसरे पुत्र अभिषेक कुमार गौतम को अनुकंपा नियुक्ति दिए जाने के लिए पूर्ण सहमति जताई। साथ ही अन्य पुत्रों अविनाश कुमार, अमिताभ कुमार एवं आदित्य कुमार ने भी इस निर्णय पर सहमति प्रदान की। प्रार्थिनी ने जिलाधिकारी को बताया कि उनके भरण-पोषण, देखभाल एवं परिवार की जिम्मेदारी अभिषेक कुमार गौतम द्वारा निभाई जा रही है।
सुनवाई के दौरान जिलाधिकारी श्री गौरव सिंह सोगरवाल ने आरोपित पुत्र को कड़ी फटकार लगाते हुए परिवार के प्रति जिम्मेदार और मर्यादित व्यवहार अपनाने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि माता-पिता की सेवा करना हर संतान का नैतिक कर्तव्य है और इसके बदले किसी प्रकार की अपेक्षा करना अमानवीय एवं निंदनीय है।
डीएम ने कहा कि मां-बाप अपने बच्चों का पालन-पोषण तमाम कठिनाइयों को सहते हुए करते हैं, ऐसे में बड़े होने पर संतान द्वारा दुर्व्यवहार करना समाज के लिए गलत संदेश है। उन्होंने दो टूक कहा कि अनुकंपा नियुक्ति की कार्रवाई मृतक की पत्नी की इच्छा के अनुरूप ही की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अतिरिक्त उपजिलाधिकारी श्री प्रेम प्रकाश पाण्डेय को निर्देशित किया कि प्रकरण में प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्रवाई पूरी कराई जाए तथा पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। 

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