पूर्वाचल राज्य संवाददाता दीपू तिवारी
रेणुकूट (सोनभद्र)। पत्रकारिता दिवस के अवसर पर शनिवार को स्थानीय नगर स्थित हिंडालको कॉलोनी परिसर के कल्याण मंडपम में भारतीय पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में एक भव्य संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों के पत्रकारों के साथ-साथ मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार एवं छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों से आए पत्रकारों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों, साहित्यकारों तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हिंडालको इंडस्ट्रीज के मानव संसाधन प्रमुख अजय सिन्हा रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रामाश्रय राय ने की। कार्यक्रम का मुख्य विषय “डिजिटल युग में पत्रकारिता की विश्वसनीयता एवं चुनौतियां” रहा, जिस पर वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए पत्रकारिता के वर्तमान स्वरूप, चुनौतियों एवं भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्य अतिथि अजय सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि आधुनिक तकनीक और डिजिटल माध्यमों ने सूचना के आदान-प्रदान को बेहद तेज और सरल बना दिया है। आज समाचार कुछ ही क्षणों में देश-दुनिया तक पहुंच जाते हैं, लेकिन इस तेजी के दौर में समाचारों की सत्यता और विश्वसनीयता को बनाए रखना पत्रकारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता केवल सूचना देने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज को सही दिशा देने का महत्वपूर्ण दायित्व भी निभाती है।
उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव के कारण अपुष्ट सूचनाएं और भ्रामक खबरें तेजी से फैलती हैं, जिससे समाज में भ्रम और अविश्वास की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ऐसे में पत्रकारों को तथ्यों की गहन जांच-पड़ताल कर ही समाचारों का प्रकाशन एवं प्रसारण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि निष्पक्षता, पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा पत्रकारिता की मूल आत्मा है, जिसे किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं होने देना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे भारतीय पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष रामाश्रय राय ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है और उसकी जिम्मेदारी केवल समाचारों का संकलन करना नहीं, बल्कि समाज और शासन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करना भी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता अनेक चुनौतियों से गुजर रही है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म की बढ़ती लोकप्रियता के साथ फर्जी समाचार, अफवाहें और भ्रामक सूचनाएं भी तेजी से प्रसारित हो रही हैं।
उन्होंने पत्रकारों का आह्वान करते हुए कहा कि वे तथ्यों की पुष्टि के बाद ही समाचारों का प्रकाशन करें तथा निष्पक्ष, संतुलित और जनहितकारी पत्रकारिता को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता ही उसकी सबसे बड़ी पूंजी है और इसे बनाए रखने के लिए पत्रकारों को निरंतर सजग एवं जिम्मेदार रहना होगा।
संगोष्ठी में उपस्थित विभिन्न वक्ताओं ने पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभाव, सोशल मीडिया की भूमिका, मीडिया नैतिकता तथा समाचारों की प्रामाणिकता बनाए रखने के उपायों पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि तकनीकी प्रगति पत्रकारिता के लिए अवसर भी है और चुनौती भी। इसका उपयोग समाजहित में किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पत्रकारों के अनुभवों को साझा किया गया तथा युवा पत्रकारों को निष्पक्ष और मूल्य आधारित पत्रकारिता के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर पत्रकारिता, शिक्षा, साहित्य, समाज सेवा एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले अनेक पत्रकारों एवं विशिष्ट व्यक्तियों को स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति पत्र एवं अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह का वातावरण पूरी तरह पत्रकारिता के मूल्यों, सामाजिक सरोकारों और लोकतांत्रिक दायित्वों के प्रति समर्पित दिखाई दिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए पत्रकारिता की गरिमा और विश्वसनीयता को बनाए रखने का सामूहिक संकल्प









