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जालौन में IAS रिंकू सिंह राही पर भड़के भाजपा विधायक, बोले- “ऐसे SDM नहीं चाहिए”; अतिक्रमण अभियान पर बढ़ा विवाद

जालौन में प्रशासन बनाम व्यापारी विवाद ने पकड़ा राजनीतिक रंग

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है। भाजपा विधायक गौरीशंकर वर्मा ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं IAS अधिकारी रिंकू सिंह राही के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने साफ शब्दों में कहा कि “हमारे क्षेत्र में ऐसे SDM नहीं रहेंगे” और आरोप लगाया कि अधिकारी की कार्यशैली से बाजार का माहौल खराब हो गया है।

अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे IAS रिंकू सिंह राही

बारिश से पहले नालों की सफाई और बाजार में अतिक्रमण की शिकायतों को लेकर IAS रिंकू सिंह राही नगर पालिका टीम के साथ बाजार पहुंचे थे। उन्होंने व्यापारियों को चेतावनी दी थी कि सड़क और नालों पर कब्जा हटाया जाए, अन्यथा कार्रवाई होगी।

अभियान के दौरान कुछ व्यापारियों को कथित रूप से 1 लाख से 5 लाख रुपये तक के चालान की चेतावनी दिए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई।

व्यापारियों ने शुरू किया धरना

व्यापारियों का आरोप है कि सोमवार की बंदी के दौरान सब्जी, मेडिकल स्टोर, फल और अन्य आवश्यक सेवाओं की दुकानों को भी बंद कराने का दबाव बनाया गया। इसके विरोध में 25 मई से व्यापारियों ने मुख्य बाजार में धरना शुरू कर दिया।

धरने के बाद व्यापारियों ने भाजपा विधायक गौरीशंकर वर्मा से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं। विधायक ने धरनास्थल पर पहुंचकर व्यापारियों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा।

विधायक का बड़ा बयान

गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि जालौन में रिंकू सिंह राही की भाषा शैली और कार्यप्रणाली से व्यापारी वर्ग भयभीत है। विधायक ने दावा किया कि किसी SDM को 1 लाख या 5 लाख रुपये का चालान काटने का अधिकार नहीं है।

उन्होंने कहा कि नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी और संबंधित अधिकारी ही सीमित राशि तक चालान कर सकते हैं। विधायक ने यह भी संकेत दिया कि उन्होंने इस मामले को शासन स्तर तक पहुंचाया है और अधिकारी के तबादले की मांग की गई है।

रिंकू सिंह राही का पक्ष

IAS रिंकू सिंह राही ने कहा कि नगर में लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। कई बार नोटिस देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद कार्रवाई की गई।

उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम सभी पर समान रूप से लागू होंगे और किसी भी व्यक्ति को विशेष छूट नहीं दी जा सकती। राही के अनुसार कुछ लोग प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

पहले भी विवादों में रहे हैं रिंकू सिंह राही

IAS रिंकू सिंह राही इससे पहले भी चर्चा में रह चुके हैं। शाहजहांपुर में SDM रहते हुए एक व्यक्ति से उठक-बैठक लगवाने का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें पद से हटाया गया था। हालांकि हाल के दिनों में दिव्यांग फरियादियों की समस्याएं जमीन पर बैठकर सुनने और शिक्षा को बढ़ावा देने जैसी पहलों के लिए भी उनकी सराहना हुई है।

अब आगे क्या?

जालौन में यह मामला केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं रह गया है। एक तरफ प्रशासन कानून और व्यवस्था के तहत कार्रवाई की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ व्यापारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि इसे अधिकारियों की सख्ती और व्यवहार से जोड़ रहे हैं।

अब सबकी नजर शासन के अगले कदम पर है कि विवादित माहौल को शांत करने के लिए क्या निर्णय लिया जाता है और क्या प्रशासन तथा व्यापारियों के बीच बढ़ी दूरी कम हो पाती है।

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