झांसी (उत्तर प्रदेश): “शायद मैं उस वक्त जाग रहा होता और फोन उठा लेता, तो आज मेरी बेटी जिंदा होती…” यह दर्दनाक और बेबसी से भरे शब्द उस लाचार पिता के हैं, जिसकी बेटी ससुराल में फंदे पर लटकी मिली। उत्तर प्रदेश के झांसी जिले से एक ऐसी झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां शादी के महज 15 महीने बाद एक विवाहिता ने संदिग्ध परिस्थितियों में दम तोड़ दिया। मौत के ठीक पहले बेटी ने मदद के लिए अपने पिता को फोन मिलाया था, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।
📌 मामले के मुख्य बिंदु: एक नजर में
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घटनास्थल: झांसी जिला, उत्तर प्रदेश।
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शादी की अवधि: महज 15 महीने पहले हुई थी शादी।
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आखिरी कोशिश: दम तोड़ने से पहले विवाहिता ने पिता को किया था कॉल।
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पिता का आरोप: “बेटी को मारकर फंदे पर लटकाया गया है, यह आत्महत्या नहीं हत्या है।”
📞 आखिरी कॉल और वो 6 घंटे की अनहोनी
मृतका के पिता ने रोते हुए पुलिस और मीडिया को बताया कि उनकी बेटी ससुराल में परेशान थी। घटना वाली रात उसने देर गए अपने पिता के मोबाइल पर फोन किया था। उस वक्त पिता गहरी नींद में थे, जिस वजह से मोबाइल की रिंग टोन उन्हें सुनाई नहीं दी और कॉल मिस हो गई।
लगभग 6 घंटे बाद जब सुबह पिता की आंख खुली, तो उन्होंने मोबाइल पर बेटी की मिस कॉल देखी। अनहोनी की आशंका के बीच उन्होंने तुरंत बेटी को कॉल बैक किया, लेकिन इस बार फोन नहीं उठा। कुछ ही देर बाद ससुराल पक्ष से उन्हें वह खबर मिली जिसने उनके पैरों तले से जमीन खिसका दी—उनकी लाडली अब इस दुनिया में नहीं थी।
⚖️ हत्या या आत्महत्या? पिता ने लगाए गंभीर आरोप
लड़की के मायके वालों का साफ कहना है कि यह कोई सामान्य आत्महत्या का मामला नहीं है। पिता और परिजनों ने ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना और हत्या का सीधा आरोप लगाया है।
पिता का बयान: “ससुराल वाले उसे लगातार परेशान कर रहे थे। मेरी बेटी ने रात में मुझे बचाने के लिए फोन किया होगा। जब मैं फोन नहीं उठा पाया, तो उन्होंने मेरी बेटी की हत्या कर दी और मामले को सुसाइड का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया।”
परिजनों की मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सख्त से सख्त सजा मिले।
📋 घटनाक्रम का विवरण
🚨 पुलिसिया कार्रवाई और आगे की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों (गला घुटने या दम घुटने के अंतर) का स्पष्ट पता चल सकेगा।
मायके पक्ष की तहरीर के आधार पर दहेज प्रताड़ना और हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस मृतका और उसके पति समेत परिजनों के कॉल डिटेल्स (CDR) की भी जांच कर रही है ताकि मौत से पहले की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
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