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हिंडाल्को रेणुकूट में उत्साहपूर्वक मनाया गया विश्व पर्यावरण दिवस

पूर्वाचल राज्य संवाददाता: दीपू तिवारी

रेणुकूट, सोनभद्र। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हिंडाल्को रेणुकूट में पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए विविध जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पूरे संयंत्र परिसर में उत्साह, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में अधिकारियों, कर्मचारियों, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित टीमों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ पर्यावरण संरक्षण की सामूहिक शपथ के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने प्रकृति की रक्षा, जल एवं ऊर्जा संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी, प्रदूषण नियंत्रण तथा स्वच्छ और हरित वातावरण के निर्माण के लिए सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। इस दौरान वक्ताओं ने पर्यावरणीय चुनौतियों और उनसे निपटने में आम जनमानस की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

इसके बाद केंद्र सरकार की प्रेरणादायी पहल “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत संयंत्र परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में व्यापक वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी माताओं के सम्मान में पौधे रोपित किए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अभियान का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों को भावनात्मक रूप से प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना भी है। वृक्षारोपण के दौरान विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए, जो भविष्य में पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम का आयोजन आरओ-ज़ेडएलडी (RO-ZLD) प्लांट में किया गया, जहां पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा, जागरूकता संदेश और कर्मचारियों के लिए प्रेरक संबोधन आयोजित किए गए।

हिंडाल्को रेणुकूट के मुखिया समीर नायक ने अपने संबोधन में कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मानव अस्तित्व की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “प्रकृति संरक्षण ही मानव जीवन का आधार है। पृथ्वी को सुरक्षित और हरित बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर छोटे-छोटे प्रयास करे, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज और आने वाली पीढ़ियों पर दिखाई देगा। पर्यावरण संरक्षण को हमें अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। हिंडाल्को हमेशा से सतत विकास, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के उपयोग को प्राथमिकता देता रहा है।

वहीं क्लस्टर हेड (एचआर) जसबीर सिंह ने अपने संबोधन में पेड़-पौधों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “पेड़-पौधे केवल हरियाली नहीं बढ़ाते, बल्कि हमारे जीवन का वास्तविक आधार हैं। ये हमें शुद्ध वायु, स्वच्छ वातावरण और बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करते हैं। वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर, विद्यालय, कार्यालय और आसपास के क्षेत्रों में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसकी देखभाल भी करनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं या संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ, सुरक्षित और हरित भविष्य का निर्माण संभव है।

कार्यक्रम के दौरान रिडक्शन प्लांट हेड जयेश पवार, पर्यावरण विभाग प्रमुख सत्यजीत आचार्य एवं उनकी टीम, एचआर हेड अजय सिन्हा, विभिन्न विभागों के प्रमुख, वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी तथा मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण संबंधी गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाई और वृक्षारोपण अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।

पर्यावरण विभाग द्वारा कर्मचारियों को पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी प्रदान की गईं। इस अवसर पर पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले संदेशों का प्रसार किया गया तथा कर्मचारियों को अपने दैनिक कार्यों में पर्यावरण-अनुकूल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक संकल्प और सामाजिक जिम्मेदारी का सशक्त संदेश देने में सफल रहा। हिंडाल्को रेणुकूट द्वारा किए गए इस प्रयास ने कर्मचारियों, उनके परिवारों तथा स्थानीय समुदाय को प्रकृति संरक्षण के लिए आगे आने और हरित भविष्य के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थितजनों ने यह संकल्प लिया कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे तथा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ, सुरक्षित और हरित पृथ्वी प्रदान करने में अपना योगदान देंगे। 

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