नृपेंद्र मिश्रा बोले- ‘भक्तों का भरोसा नहीं टूटने देंगे’, राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच करने अयोध्या पहुंची SIT
Ayodhya Ram Mandir Donation Theft Case Live Updates: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और दान के पैसों में कथित हेरफेर और चोरी के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने कमान संभाल ली है। सोमवार को दोपहर करीब 3 बजे SIT की टीम सीधे राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय पहुंची, जिसके बाद से ही परिसर में हड़कंप मच गया है।
SIT की टीम ने ऑफिस पहुंचते ही सुरक्षा और गोपनीयता के मद्देनजर कर्मचारियों को बाहर कर दिया और सीधे ‘गणना कक्ष’ (Donation Counting Room) से अपनी जांच की शुरुआत की।
SIT का पहला कड़ा एक्शन: कर्मचारियों की कुंडली और CCTV खंगालने की तैयारी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, जांच टीम ने मंदिर परिसर में दान के रुपयों की गिनती करने वाले मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों की पूरी सूची तलब कर ली है। जांच सिर्फ दफ्तर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसके दायरे को काफी व्यापक बनाया गया है:
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माली हालत और रिश्तेदारों पर नजर: दान की गिनती में शामिल कर्मचारियों के पिछले कुछ वर्षों में बदले रहन-सहन, उनकी संपत्ति (माली हालत) और उनके रिश्तेदारों के खातों की भी जांच की जा सकती है।
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CCTV फुटेज की स्कैनिंग: दान पेटी से पैसे निकालने, उन्हें गणना कक्ष तक लाने और वहां से बैंक में जमा करने तक की पूरी प्रक्रिया की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है।
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रिकवरी के बाद बढ़ा एक्शन: यह कार्रवाई तब और तेज हुई जब हाल ही में नकद दान की गिनती में शामिल एक कर्मचारी के आवास से करीब ₹10 लाख की रिकवरी की बात सामने आई थी।
नृपेंद्र मिश्रा का बड़ा बयान: “भक्तों का भरोसा जीतना हमारी प्राथमिकता”
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने इस पूरे मामले और SIT की कार्रवाई पर खुलकर बात की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस जांच में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
“इस जांच के दो मुख्य पहलू हैं — पहला ‘आपराधिक’ (Criminal) और दूसरा ‘भविष्य में सुधार’ (Future Improvement)। जब हम इन दोनों मोर्चों पर मजबूती से काम करेंगे, तभी हम देश-दुनिया के करोड़ों राम भक्तों का भरोसा बनाए रख पाएंगे। राज्य सरकार ने 24 घंटे के भीतर जो तेजी दिखाई है, वह बेहद सराहनीय है।”
— नृपेंद्र मिश्रा, अध्यक्ष, राम मंदिर निर्माण समिति
जानिए कौन कर रहा है इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गृह विभाग द्वारा गठित इस 3-सदस्यीय SIT टीम में बेहद अनुभवी और वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है:
| अधिकारी का नाम | पद / जिम्मेदारी | विशेषता |
| विजय विश्वास पंत | मंडलायुक्त, लखनऊ | SIT प्रमुख (अध्यक्ष) |
| किरण एस. | आईजी रेंज, लखनऊ | CBI के आर्थिक अपराध विंग का अनुभव |
| नील रतन | विशेष सचिव, वित्त | अकाउंट्स और फाइनेंशियल ऑडिट एक्सपर्ट |
रिपोर्ट की समयसीमा: शासन ने SIT को 7 दिनों के भीतर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिनों के भीतर अंतिम विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के सख्त निर्देश दिए हैं।
सियासी पारा भी गर्म: विपक्ष के हमलों के बाद ट्रस्ट ने खुद की थी मांग
इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति भी पूरी तरह गरमाई हुई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए करोड़ों रुपये के चढ़ावे में हेरफेर का आरोप लगाया था और न्यायिक संज्ञान लेने की मांग की थी।
विपक्ष के लगातार हमलों और भ्रामक खबरों पर विराम लगाने के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच (SIT) कराने का अनुरोध किया था, जिसके बाद यह तुरंत एक्शन लिया गया।
SIT जांच से जुड़े मुख्य बिंदु
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कहां पहुंची टीम: अयोध्या में रामकोट स्थित ट्रस्ट के मुख्य कार्यालय और नोट काउंटिंग रूम में।
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क्या है टास्क: दान पेटियों से लेकर बैंक तक पैसे पहुंचने की पूरी चेन (CCTV, लॉग्स) की री-चेकिंग।
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टाइमलाइन: अगले 15 दिनों में दूध का दूध और पानी का पानी होने की उम्मीद।










