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सोमवार आधी रात से बंद हुए चंदौली और गाजीपुर को जोड़ने वाले पीपा पुल, बढ़ जाएगी सैकड़ों KM की दूरी; अब नाव ही एकमात्र सहारा

चंदौली/गाजीपुर

पूर्वांचल के तीन प्रमुख जनपदों— चंदौली, गाजीपुर और वाराणसी की लाइफलाइन कहे जाने वाले गंगा घाटों के पीपा पुलों पर आवागमन सोमवार (15 जून) की मध्य रात्रि से पूरी तरह बंद कर दिया गया है। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और मानसून की आहट को देखते हुए प्रशासन ने यह सुरक्षात्मक कदम उठाया है। 15 जून से इन पुलों को खोलने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, जिसके कारण स्थानीय नागरिकों को अगले चार महीनों तक भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

📅 कब तक बंद रहेंगे ये पीपा पुल?

नियमों के अनुसार, बाढ़ और मानसून के खतरों को देखते हुए हर साल इन पुलों को हटा दिया जाता है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अवर अभियंता आर. के. चौहान ने इस संबंध में महत्वपूर्ण आधिकारिक जानकारी साझा की है:

  • बंद होने की तिथि: 15 जून 2026 (सोमवार मध्य रात्रि से)

  • पुनः संचालन की तिथि: 15 अक्टूबर 2026 (स्थितियां सामान्य होने पर दोबारा स्थापित किया जाएगा)

राहत की खबर: पीपा पुल हटने के बाद इन सभी घाटों पर स्थानीय लोगों की सहूलियत के लिए इंजन चालित नावों का निःशुल्क (Free) संचालन जारी रहेगा, ताकि लोगों का आवागमन पूरी तरह ठप न हो।

📍 प्रभावित होने वाले प्रमुख गंगा घाट और रूट

इन पुलों के हटने से सैकड़ों गांवों के लाखों लोगों का संपर्क सीधे तौर पर प्रभावित होगा। बंद होने वाले प्रमुख पुल निम्नलिखित हैं:

  • टांडा कला-कैथी घाट: यह पुल चंदौली को सीधे वाराणसी के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मार्कण्डेय महादेव से जोड़ता है।

  • नगवा-चोचकपुर घाट: यह चंदौली और गाजीपुर जनपद की सीमा को जोड़ने वाला सबसे व्यस्त मार्ग है।

  • जिगना गंगा घाट: चंदौली के धानापुर क्षेत्र के लोगों को गाजीपुर और अन्य बाजारों से जोड़ने का मुख्य जरिया।

⚡ पक्के पुल की मांग तेज, ‘धानापुर विकास मंच’ ने खोला मोर्चा

ये पीपा पुल आसपास के ग्रामीण और व्यापारिक क्षेत्रों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं, क्योंकि इनके जरिए सैकड़ों किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी कम हो जाती है। समय और पैसे दोनों की बचत होने के कारण लोग इसी रूट को प्राथमिकता देते हैं।

पुल हटने के बाद लोगों को एक बार फिर जान जोखिम में डालकर नाव का सहारा लेना पड़ेगा। यही वजह है कि नगवा-चोचकपुर घाट पर कई सालों से पक्का पुल बनाने की मांग उठ रही है।

जनपदों की मांग पक्के पुल से होने वाले फायदे
चंदौली और गाजीपुर दोनों जनपदों के बीच व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे और समय की भारी बचत होगी।
क्षेत्रीय विकास गंगा पार के इलाकों में एम्बुलेंस, शिक्षा और रोजगार की राह आसान होगी।
धानापुर विकास मंच इस मुद्दे को लगातार मजबूती से उठा रहा है, हालांकि अभी तक शासन से केवल आश्वासन ही मिला है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर साल चार महीने के इस ‘वनवास’ और दिक्कतों से निजात पाने का एकमात्र रास्ता इस रूट पर पक्के पुल की मंजूरी ही है।

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