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वाराणसी के 84 घाटों पर उमड़ा योग का महासंगम, नमो घाट से पूरी दुनिया को मिला स्वास्थ्य और अध्यात्म का संदेश

वाराणसी: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी पूरी तरह योगमय नजर आई। गंगा के पावन तट पर स्थित अस्सी घाट से लेकर नमो घाट तक सभी 84 घाटों पर लाखों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया। सुबह की पहली किरण के साथ ही घाटों पर योग साधकों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की भारी भीड़ जुटी और प्रशिक्षकों के निर्देशन में विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया।

नमो घाट बना मुख्य आकर्षण

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का मुख्य आयोजन नमो घाट पर आयोजित किया गया, जहां हजारों लोगों ने एक साथ योग कर ‘स्वस्थ भारत’ का संकल्प लिया। कार्यक्रम में वाराणसी शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA), चिकित्सा विभाग, शिक्षा विभाग, आबकारी विभाग, नमामि गंगे सहित विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे।

डॉ. नीलकंठ तिवारी ने दिया योग अपनाने का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना से मां गंगा के पावन तट पर बने नमो घाट पर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन होना पूरे काशी के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि योग भारतीय सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे प्रत्येक व्यक्ति को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि मन, बुद्धि और आत्मा को भी संतुलित एवं शांत बनाता है। डॉ. तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में वैश्विक मान्यता प्रदान की, जिससे भारत की सांस्कृतिक विरासत को विश्वभर में नई पहचान मिली।

काशी के हर कोने में दिखा योग का उत्साह

श्रीकाशी विश्वनाथ धाम, पुलिस लाइन, बरेका (BLW), रेलवे परिसर, विश्वविद्यालयों, स्कूल-कॉलेजों, पार्कों और विभिन्न सरकारी एवं सामाजिक संस्थाओं में भी योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। सभी स्थानों पर लोगों ने योग को नियमित जीवन का हिस्सा बनाने और स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लिया।

विश्व को मिला काशी से सकारात्मक संदेश

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर काशी के घाटों से एक बार फिर पूरी दुनिया को स्वास्थ्य, आध्यात्म, संतुलित जीवन और मानव कल्याण का संदेश मिला। योग के इस विराट आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि काशी केवल आस्था की नगरी ही नहीं, बल्कि विश्व को जीवन जीने की सकारात्मक दिशा दिखाने वाली आध्यात्मिक राजधानी भी है। 

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