राजीव शंकर चतुर्वेदी
पूर्वांचल राज्य ब्यूरो
बलिया। पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा जनपद में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी कार्यवाही हेतु समस्त क्षेत्राधिकारी व थाना प्रभारियों को महिला अपराधों के अभियुक्तों के विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही करने, सनसनीखेज वारदातों के अभियुक्तों जैसे हत्या, लूट, डकैती, गैंगरेप, गौ तस्करी, वाहन चोरों, मादक पदार्थ तस्करों, के विरुद्ध गैंगस्टर की कार्यवाही करने तथा गैंगस्टर की अभियुक्तों की अवैध संपत्ति को सीज करने, शासन द्वारा चलाए गए अभियान के अंतर्गत जनपद स्तरीय चिन्हित सनसनीखेज अपराधों में प्रभावी पैरवी कर सजा दिलाने, ऑपरेशन दृष्टि के तहत पब्लिक से समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक सीसीटीवी कवरेज कराने, ओवर लोड वाहनों के अवैध संचालन पर प्रभावी अंकुश लगाने, अवैध शराब निष्कर्षण, भंडारण व बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने, सभी मुख्य बाजार, चौराहों एवं हाइवे पर रात्रि गश्त एवं प्रभावी चेकिंग करने, आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त होने वाले शिकायती प्रार्थनापत्रों का भली-भाँति अवलोकन कर उनमें निष्पक्ष जांच करने तथा समय से उनको निस्तारित करने, थानों पर महिला हेल्पडेस्क के माध्यम से संचालित अभियान के अन्तर्गत कम्युनिटी पुलिसिंग एवं महिला सशक्तिकरण हेतु “मिशन शक्ति” के माध्यम से आउटरीच प्रोग्राम चलाकर जनता को लगातार जागरूक करते हुए प्राप्त निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई करने के सम्बन्ध में गोष्ठी में उपस्थित समस्त राजपत्रित अधिकारियों व थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये ।तथा महोदय द्वारा विवेचना की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के माध्यम से घटनास्थल की डिजिटल वीडियोग्राफी /फोटोग्राफी और जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने को कहा गया। अपराधियों की निगरानी के लिए ‘यक्ष’ ऐप पर हिस्ट्रीशीटरों का डेटा तत्काल अपडेट करने के निर्देश दिए गए, साथ ही सी-प्लान के सम्बन्ध में वार्ता की गई तथा सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि रखने तथा राष्ट्र विरोधी भ्रामक व गलत सूचना को किसी भी प्लेटफार्म पर प्रसारित करने वाले के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करने के सम्बन्ध में निर्देशित किया गया । महोदय द्वारा थानों पर लंबे समय से लंबित पड़ी विवेचनाओं, विशेषकर 60 दिनों से अधिक पुराने मामलों की गहन समीक्षा की। उन्होंने सभी समस्त राजपत्रित अधिकारियों व थाना प्रभारियों को गुणवत्तापूर्ण साक्ष्य संकलन करते हुए तय समय-सीमा के भीतर चार्जशीट या अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल करने के कड़े निर्देश दिए। डीआईजी द्वारा आगामी मोहर्रम त्यौहार के दृष्टिगत कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा के दृष्टिगत पर्व को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने हेतु राजपत्रित अधिकारियों व थाना प्रभारियों को कड़े दिशा-निर्देश दिए गए। उक्त गोष्ठी के दौरान पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी संजय वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी दिनेश कुमार शुक्ल, समस्त क्षेत्राधिकारी व अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।
डीआईजी आजमगढ़,ने अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश










